बिजनौर में जिले में तिहरे हत्याकांड को लेकर बवंडर मच गया है। इस कांड में पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों ने अपने को बेकसूर होने का दावा किया है।
आरोपियों का कहना है कि दूसरे पक्ष की युवतियों से छेड़छाड़ नहीं की गई। उनकी बिरादरी की युवतियों से छेड़छाड़ करने पर बवाल मचा। प्रशासन इस बात की जांच करा ले कि दूसरे पक्ष की युवतियां पढ़ने जाती हैं या उनकी बिरादरी की युवतियां। हकीकत खुद सामने आ जाएगी। पुलिस ने गांव पेद्दा में हुए तिहरे हत्याकांड व 12 लोगों के घायल होने के मामले में गांव के 62 साल के टीकम सिंह, पंकज, उसके भाई अनुज व उसके पिता राजपाल व अनिल व सतीश को दबोचा है। पकड़े गए सभी अपने को बेकसूर बता रहे हैं। टीकम सिंह समेत सभी आरोपियों का कहना है कि दूसरे पक्ष के युवक रोज बस स्टैंड पर उनकी बिरादरी की युवतियों से छेड़खानी करते थे। बृहस्पतिवार की शाम दोनों पक्ष के युवकों में मारपीट हो गई। अगले दिन सुबह भी मारपीट हुई। शुक्रवार को अचानक विवाद बढ़ गया और गोलीबारी व पथराव शुरू हो गया। घटना के दौरान वह सभी अपने घरों में छिपे थे। पुलिस उन्हें घर से सुरक्षित स्थान पर ले जाने के नाम पर पकड़कर ले लाई। उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। घटना की हकीकत पर पर्दा डाला जा रहा है। गांव में जाकर तहकीकात करा ली जाए कि किस समाज की युवतियां पढ़ने के लिए जाती हैं। इन सभी आरोपियों का रविवार को चालान कर दिया गया है।