- छठे गुरु हरगोविंद साहब का 428 वां प्रकाशपर्व श्रद्धा पूर्वक मनाया
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूरपुर। सिख पंथ के छठवें गुरु मीरी पीरी के मालिक गुरु हर गोविंद सिंह जी का 428 वां प्रकाशपर्व सोमवार को सिख संगत ने श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया।
इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा कमेटी के तत्वाधान में गुरुद्वारा साहिब में आयोजित श्री तीन दिवसीय श्री अखंड पाठ का सोमवार को सुबह नौ बजे समापन (भोग) हुआ। इसके उपरांत विशेष कीर्तन दरबार सजाया गया। जिसमें हजूरी रागी जत्था भाई अरविंदर सिंह जी ने पंजि पिआले, पंजि पीर, छठमु पीरु बैठा गुरु भारी...गुरबाणी शब्द का उच्चारण कर संगत को निहाल किया। सरदार हरभजन सिंह ने कहा कि गुरु हरगोविंद सिंह शस्त्र एवं शास्त्र शिक्षा के धनी थे। उन्होंने गुरुगद्दी संभालते ही मीरी पीरी दो तलवारें संभाली थी। यें तलवारें बाबा बुड्ढा जी ने भेंट की थी।
गुरु हरगोविंद सिंह सिख कौम शांति, भक्ति और शर्म के साथ-साथ अत्याचार व जुल्म का मुकाबला करने के लिए भी सशक्त बने। अरदास उपरांत हुक्मनामा लेकर संगत में मिस्सी रोटी और लस्सी का अटूट लंगर श्रद्धा के साथ बरताया गया। धार्मिक आयोजन में डाॅ. गुरचरण सिंह, गुरनाम सिंह, बिरेंद्र सिंह, रणवीर सिंह मुंशी, जोगेंद्र सिंह बडगुजरा, दारा सिंह, विशाल सिंह, रविंद्र सिंह मिक्की आदि मौजूद रहे।