रेहड़ (बिजनौर)। सड़क दुघर्टनाओं को रोकने लिए पुलिस प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चलाने के साथ सख्ती कर रहा है। लेकिन युवा इसे नजरअंदाज कर अपनी जान के दुश्मन बने हुए हैं। बादीगढ़ सुआवाला मार्ग पर हुआ हादसा भी इसी का परिणाम रहा। यदि दोनों बाइक चालक अपनी बाइक की गति पर नियंत्रण रखते और हेलमेट लगाए हुए होते तो जहां एक तरफ हादसा ही होने से टल सकता था, वहीं हादसा होने पर हेलमेट लगा होने के बाद भी जान बच सकती थी।
दुघर्टना में मारे गए दोनों युवकों की मौत सिर में चोट लगने से हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों ही बाइक की स्पीड काफी तेज थी। वहीं रास्ता भी इस लायक नहीं है कि इतनी तेज स्पीड में बाइक चलाई जाए। ऐसे में तेज स्पीड के चलते एक बाइक नियंत्रण खो बैठा और सामने से आ रही बाइक से जा टकराया। हादसे के बाद तीनों युवक जहां दूर जाकर गिरे तो बाइकें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। तीनों के ही सिर में चोट आई। जिसमें गांव चक निवासी शेखर तोमर पुत्र मुखराम और दूसरे बाइक सवार गांव जिकरीवाला निवासी अलाउद्दीन पुत्र अकरम की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि शेखर के पीछे बैठा विकास गंभीर रूप से घायल हो गया।
हेलमेट को लेकर उठाने होंगे और सख्त कदम
इस हादसे के बाद दोनों ही मृतकों के परिवार में गम का माहौल है। वहां मौजूद हर व्यक्ति इस हादसे जहां दुखी नजर आया, वहीं सभी की जुबान पर था कि सरकार को लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए अब हेलमेट को लेकर और ज्यादा सख्त कदम उठाने चाहिए। ताकि युवाओं के भीतर भय के ही कारण हेलमेट लगाने की आदत पड़ जाए।