- गुलदार पकड़े जाने के 24 घंटे में ही दूसरे गुलदार ने दी दस्तक
- वन विभाग ने क्षेत्र में फिर पिंजरा लगाने का लिया निर्णय
नगीना। क्षेत्र के गांव काजीवाला में शौच को गई 40 वर्षीय महिला को अपना शिकार बनाने वाले गुलदार को वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर अमानगढ़ में छुड़वा दिया। इसके 24 घंटे बाद ही गांव में गुलदार की एक बार फिर दस्तक से हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों ने जब गांव में अपनी आंखों से गुलदार के पंजों के निशान देखे तो गांव में पिंजरा लगाने का निर्णय लिया है।
क्षेत्र के गांव काजी वाला में 18 मार्च की सुबह छह बजे मिथलेश देवी पर गुलदार ने हमला कर उसकी जान ले ली थी। घटना के बाद वन विभाग की टीम ने गांव में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने के साथ-साथ ड्रोन कैमरे की भी मदद ली थी। 55 घंटे की मशक्कत के बाद 20 मार्च को गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। मंगलवार शाम तथा बुधवार की सुबह बारिश रुकने के बाद ग्रामीण खेत पर पहुंचे तो उन्हें कई जगह गुलदार के पंजों के निशान दिखाई दिए।
सूचना पर गांव में पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों ने गुलदार के पंजों के निशान देखे तो गांव में एक बार फिर पिंजरा लगाने का निर्णय ले लिया गया। गांव के गोपी, विशाल, रतन सिंह, नीरज कुमार, टीकम सिंह उर्फ टीटू का कहना है कि घटनास्थल के आसपास गुलदार के कई जगह पंजों के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप शर्मा का कहना है कि उन्होंने वन विभाग की टीम को गांव में भेजा था। गांव में अभी भी ग्रामीणों को गुलदार के पंजों के निशान दिखाई दे रहे हैं। वहीं, क्षेत्र के गांव कोटरा में गुलदार की लगातार दस्तक ग्रामीणों को डरा रही है। गांव प्रधान आफताब अंसारी ने बुधवार को एसडीएम को एक पत्र सौंपकर गांव में पिंजरा लगाए जाने कि मांग की है।