बिजनौर, नगीना।क्षेत्र के ग्राम काजी वाला में खेत पर शौच के लिए गई एक महिला कि गुलदार के हमले में हुई मौत ने सभी गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने के सरकारी दावों की पोल खोल दी। मृतक महिला के घर में यदि शौचालय सही होता तो शायद उसकी जान नहीं जाती।
बीते 17 फरवरी को क्षेत्र के ग्राम किरतपुर में गुलदार के हमले का शिकार हुई एक 14 वर्षीय किशोरी की मौत भी खुले में शौच के दौरान हुई थी। तब भी खुले में शौच से मुक्त होने का दावा किया गया था। गांव के तमाम लोगों ने घर में शौचालय ना होने पर खुले में शौच जाने की बात स्वीकार की थी। कमोबेश यही हालात क्षेत्र के ग्राम काजीवाला में भी नजर आई।
ग्राम काजीवाला में तो सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार की बात भी सामने दिखाई दी। कई ग्रामीणों ने बताया कि उनके यहां सरकारी धन से शौचालय तो बनाए गए हैं, लेकिन कहीं गड्ढा नही बनाया गया, कहीं छोटा गड्ढा बनाया गया। जिसके चलते ग्रामीणों को खुले में शौच जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मृतक महिला मिथिलेश के घर में भी सरकारी धन से छह साल पहले इज्जतघर नाम से शौचालय बनाया गया लेकिन सीट नहीं होने के कारण उसका प्रयोग शौच के बजाए स्नानघर के रूप में हो रहा है। मृतक महिला के सभी परिवार के सदस्यों को जंगल में शौच के लिए जाना पड़ता है।
ग्राम काजीवाला के कई लोगों ने बताया कि गांव के अधिकतर परिवारों में आधे अधूरे शौचालय बने हैं। घरों में शौचालय ही नहीं होने के कारण ग्रामीणों को खुले में शौच जाना पड़ता है। सवाल यह है कि जब क्षेत्र के लगभग हर गांव में गुलदार ने दस्तक दे दी है तो खुले में शौच जाने वाले ग्रामीणों को गुलदार के हमले से कैसे बचाया जा सकता है।
इस बारे में जब कोतवाली ब्लॉक के एडीओ पंचायत सुरेंद्र सिंह से पूछा गया तो वह इस बात का कोई सीधा जवाब नहीं दे सके। उनका कहना है कि वह चुनावी ड्यूटी में लगे हैं इस मामले को दिखवाकर ही कुछ कहा जा सकता है।
ग्रामीण रोहित कुमार का कहना है कि उनके घर पर सरकारी धन से शौचालय तो बना है लेकिन गड्ढा नहीं होने के कारण वह शौचालय के रूप में प्रयोग नहीं होता। जिसके चलते सभी घर के सदस्यों को खुले में शौच जाना पड़ता है। युवा ग्रामीण राज का कहना है कि सरकारी धन से उनके घर पर शौचालय तो बनाया गया लेकिन बनाए गए छोटे गड्ढे के वजह से वह शौच के रूप में प्रयोग नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते घर के सभी लोगों को जंगल में शौच के लिए जाना पड़ता है।