- खटके में फंसने के बाद घायल हुआ गुलदार, इटावा लायन सफारी भेजा जाएगा
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हल्दौर/बिजनौर। गांव छजुपुरा सादात के जंगल में शिकारी द्वारा लगाए गए स्प्रिंग ट्रैप ( खटके ) में गुलदार का पैर फंस गया। वहां से गुजर रहे किसानों ने गुलदार को फंसा देख हड़कंप मच गया और मामले की सूचना वन विभाग को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बमुश्किल गुलदार को पकड़कर उपचार के लिए अपने साथ ले गई। अब इस गुलदार को वन विभाग इलाज के लिए इटावा लायन सफारी भेजने की तैयारी कर रहा है।
गांव छजुपुरा सादात से हल्दौर की ओर जाने वाली चकरोड़ के निकट स्थित जंगल में एक किसान के खेत में किसी शिकारी ने खटका लगा रखा था। शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे कुछ किसान, श्रमिक को साथ लेकर अपने चकों पर गेहूं कटाई करने जा रहे थे। वहां पर उन्होंने गुर्राहट सुनाई दी। उन्होंने नजदीक पहुंचने पर एक गुलदार का पैर शिकारी द्वारा लगाए गए लोहे के पंजे ( खटके) में फंसा देख उनके होश उड़ गए और गांव पहुंचकर मामले की सूचना ग्रामीणों को दी। सूचना पाकर मौके पर ग्रामीणों व आसपास क्षेत्र के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई । मामले की सूचना वन विभाग को दी गई।
वन विभाग एसडीओ ज्ञान सिंह, वन रेंजर वीएस रावत, दरोगा मदनपाल, संजय मठपाल, मदनपाल सिंह मौके पर पहुंचे और बमुश्किल गुलदार को खटके से बंधन मुक्त कराकर पकड़ा। एसडीओ ज्ञान सिंह का कहना है कि घायल गुलदार को उपचार के लिए बिजनौर भेज दिया गया है। गुलदार के पकड़े जाने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
लायन सफारी के चिकित्सक करेंगे इलाज
एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि खटके के कारण गुलदार के पैर में चोट आई हैं। ऐसे में यदि उसे जंगल में छोड़ा जाता है तो वह स्वभाविक शिकार करने में सक्षम नहीं होगा। इससे उसके आदमखोर बनने का खतरा रहेगा। इसलिए उसे इलाज के लिए इटावा लायन सफारी पार्क भेजा जा रहा है। वहां से ठीक होने बाद जो भी निर्णय होगा, वहीं से होगा। अब यह गुलदार वापिस जिले में नहीं आएगा।
जिले में सक्रिय हो गए शिकारी
जिले में गुलदार इन दिनों आबादी क्षेत्रों के जंगलों में घूम रहे हैं। इनकी संख्या 150 से भी ज्यादा होने का अनुमान है। ऐसे में शिकारी गिरोह भी जिले में सक्रिय हो गया है। दो दिन में नांगल सोती और हल्दौर क्षेत्र में गुलदार खटकों में फंस चुके हैं। आमतौर पर खटके का इस्तेमाल बाघ और गुलदार के शिकार के लिए किया जाता है। इसी तरह के खटके वर्ष 2012 में अमानगढ़ में दो बाघों का शिकार करने वाले शिकारियों के पास भी मिले थे। एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। पता लगाया जा रहा है कि यह खटके किसने लगाए थे।