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Bijnor News: बिजनौर। जान ले रहा गुलदार, लोग करे मनुहार, कब मारोगे सरकार

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-गुलदार को ट्रैंकुलाइज करने को लगाई टीम, पिंजरे लगाए
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-अफजलगढ़ क्षेत्र में सक्रिय हुई वन विभाग की टीम
- 16 लोगों की जान इस साल गुलदार के हमलों में गई
- 36 छोटे-बड़े गुलदार इस साल पकड़े गए
- 05 गुलदार की दुर्घटना या अन्य कारण से मौत हुई
रजनीश त्यागी
बिजनौर। जिले में गुलदार इंसानों की जान ले रहा है। एक के बाद एक पिछले नौ माह में ही 16 लोग गुलदार के हमलों में मार गए। हंगामा हुआ तो कई जिलों की टीम ने यहां डेरा डाला, पिंजरे लगाए, हाथी बुलाए, पर नरभक्षी को चिन्हित नहीं कर पाए। हालांकि लगाए गए पिंजरों में कई गुलदार पकड़े गए। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल 36 छोटे-बड़े गुलदार पकड़े गए। वहीं पांच गुलदार की मौत दुर्घटना या आपसी संघर्ष में हुई है। ऐसे में लोग वन विभाग से गुलदार को पकड़ने या मारने की मांग कर रहे हैं तो वन विभाग गुलदार पकड़ने जाने के बाद उन्हें रखने को लेकर परेशान है।
इस साल फरवरी से मई के बीच में दस से ज्यादा गुलदार पकड़े गए। उन सभी को अमानगढ़ रेंज में छोड़ दिया। इसके बाद इंसानों पर हमले हुए तो अमानगढ़ में गुलदार को छोड़ने पर रोक लगा दी। इसके बाद गुलदार को इटावा लायन सफारी, कानपुर, गोरखपुर, लखनऊ चिड़ियाघर भेजे जाने लगा। शायद वन विभाग को भी उस समय अंदाजा नहीं था कि इस साल पकड़े जाने वाले गुलदारों की संख्या 36 तक पहुंच जाएगी। ऐसे में अब गुलदार पकड़ने पर उन्हें कहां छोड़ा जाए, वन विभाग के अफसरों को इसकी भी चिंता सता रही है। पिछले काफी दिनों से जिलेभर में अधिकांश जगहों पर पिंजरे तो लगे, लेकिन उनमें बकरी या अन्य जानवर नहीं बांधा गया। उधर अब किसान नेता और ग्रामीण गुलदार पकड़ने या नरभक्षी गुलदार को मारने की मांग कर रहे हैं। संवाद
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पोस्टमार्टम: पहले झटके में श्वास नली तोड़ी, दो जगह से टूटी बालक की रीढ़ की हड्डी
अफजलगढ़ क्षेत्र में गुलदार के हमले में बच्चे की मौत होने के बाद शुक्रवार को पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम पैनल में पहली बार पशु चिकित्सक को भी शामिल किया गया। ताकि हमला किस जानवर ने किया है, उसके पंजों के निशान और हमले के तरीकों से इसके सही निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके। पोस्टमार्टम में बच्चे की मौत का कारण गुलदार का हमला होने और शॉक एंड हेमरेज आया है। गुलदार ने बच्चे की रीड़ की हड्डी दो जगह से तोड़ दी। इसके अलावा श्वास नली भी हमले टूट गई। गर्दन पर आठ से दस दांतों के निशान मिले हैं। वहीं चेहरे पर पंजे के निशान है। कमर पर घसीटने के निशान भी मिले हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि गुलदार उसे घसीटकर भी ले गया था।
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गुलदार की हो रही तलाश, टीम तैनात: ज्ञान सिंह
एसडीओ वन विभाग ज्ञान सिंह ने बताया कि अफजलगढ़ क्षेत्र में हमारी टीम पहुंच चुकी है। गुलदार को ट्रैंकुलाइज करने के लिए चिकित्सक बुला लिए गए हैं। वहीं पिंजरे भी लगवा दिए गए हैं। गुलदार की तलाश शुरू कर दी गई है।


कब-कब गई गुलदार के हमने में जान
-17 फरवरी 23 को नगीना के गांव किरतपुर में किशोरी अदिति को मारा
-4 मार्च 23 नहटौर के गांव बल्लाशेरपुर में मासूम पूर्वी को मारा
-18 मार्च 23 नगीना के गांव काजीवाला में मिथिलेश को मारा
-19 अप्रैल 23 को अफजलगढ़ के गांव सीरवासचंद में तुंगल सैनी को मारा
-23 अप्रैल 23 की रात रेहड़ के गांव उदयपुर चांदपुर में मासूम अर्शी को घर से उठाकर मार डाला
-25 अप्रैल रेहड़ के गांव मूसापुर में खुशी छह वर्ष को ले गया और मार डाला
-26 अप्रैल सुबह घूमने निकले युवक राहुल को मारा
-21 जून को अफजलगढ़ के गांव मोहम्मदपुर राजौरी निवासी कमलेश देवी को उत्तराखंड की सीमा में मारा
-22 जून रेहड़ के गांव मच्छमार में गुलदार ने हमला कर दस वर्षीय बच्चे को मारा
-17 जुलाई को कोतवाली देहात गांव मखवाड़ा में महिला गुड्डी को मारा
-27 जुलाई को गांव तेलीपुरा में युवक 18 वर्षीय संदीप को मार डाला
-30 जुलाई को रेहड़ थाना क्षेत्र के ग्राम भटपुरा में बनैली नदी के पास जमना देवी 19 वर्ष को मार डाला
-02 अगस्त को सिंकदरपुर में जंगल गए एक व्यक्ति को मार डाला, उसका मांस भी खा गया
-28 सितंबर को अफजलगढ़ के गांव शाहपुर जमाल में दस वर्षीय नैतिक को गुलदार ने मार डाला
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