बिजनौर/अफजलगढ़। गांव शाहपुरजमाल में लगातार गुलदार की आमद हो रही है। जबकि वन विभाग की ओर से गुलदार को पकड़ने के लिए संभावित स्थान पर पिंजरे लगाया गया है। गुलदार को ट्रैंकुलाइज करने के लिए टीम लगातार कांबिंग कर रही है। बावजूद इसके गुलदार वन विभाग की पकड़ से बाहर है। वन विभाग ग्रामीणों को जागरूक रहने की सलाह देने के अलावा ज्यादा कुछ नहीं कर पाया है।
गांव शाहपुरजमाल में गुलदार के बस्ती में घुसने व खेतों में लगातार आमद के बाद वन विभाग की ओर से गांव में संभावित स्थान पर पिंजरा लगाया है। गुलदार पिंजरे के आसपास मंडरा रहा है, लेकिन पिंजरे के समीप पहुंचने से कतरा रहा है। बुधवार को भी खेतों पर गए कुछ ग्रामीणों ने खेत पर गुलदार को देखे जाने की बात कही है।
यूं तो वन विभाग ने शाहपुरजमाल सहित अन्य क्षेत्र में गुलदार की ओर से की गई घटनाओं के बाद गांव मच्छमार, रसूलपुर विरान, खैरूल्ल्पुर, शेरगढ़ के बहादरनगर स्थित गोशाला सहित मुस्सेपुर में पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए हैं, किन्तु गुलदार ने वन विभाग की सारी तैयारियों को नाकाम कर दिया है। गांव बादशाहपुर सहित एक दो स्थानों पर गुलदार ट्रैप कैमरों में नजर तो आया पर वन विभाग की पकड़ से बाहर है। वन विभाग की टीम गुलदार के मिले पंजों के निशान के सहारे कांबिंग कर उसे ट्रैंकुलाइज करने का प्रयास कर रही है।
गुलदार की दस्तक से भय में ग्रामीण
गुलदार के बस्ती में आमद के चलते भय का माहौल है। गुलदार के खेतों पर होने की वजह से बच्चे व महिलाएं व अकेले दुकेले नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से गुलदार को पकड़कर वन क्षेत्र में छुड़वाने की मांग की है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग गुलदार को पकड़ने व ट्रैंकुलाइज करने का प्रयास तो कर रहा है, लेकिन उनकी तैयारी अधूरी है। उनका कहना है कि खेतों पर कहीं भी मचान नहीं बनाए गए हैं, जहां से गुलदार पर नजर रख कर उसे ट्रैंकुलाइज किया जा सके। इस संबंध में वन दरोगा जगत सिंह राणा ने बताया कि गुलदार संभावित स्थानों पर कांबिंग की जा रही है।
गुलदार को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहा है। जहां भी गुलदार के पग चिह्न और उसके हाेने की संभावना मिलती है, वहां पिंजरे लगाए जाते हैं - अंशुमान मित्तल, एसडीओ वन विभाग