- गन्ना विभाग ने चीनी मिलों के सहयोग से सवा दो लाख किसानों तक पहुंचाए मैसेज
- चीनी मिलों के गेट और सभी क्रय केंद्रों पर लगाए जा रहे जागरुकता के लिए होर्डिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जनपद में गुलदारों के हमले ज्यादा हो रहे हैं। ये गुलदार गन्ने के खेतों में छिपकर आबादी के आसपास रह रहे हैं। गन्ना सीजन में गुलदार हमला न कर सकें, इसके लिए गन्ना विभाग चीनी मिलों के सहयोग से किसानों को गुलदार से बचाव के तरीके सीखा रहा है। चीनी मिल गेट और गन्ना क्रय केंद्रों पर भी होर्डिंग लगवाए जा रहे हैं।
जनपद में दो लाख 63 हजार 883 क्षेत्रफल में गन्ना फसल खड़ी है। जनपद में करीब पौने चार लाख जिले में गन्ना किसान है। इस गन्ने में गुलदार शरण ले रखी है। वन विभाग ने कई गुलदारों को पिंजरे के माध्यम से पकड़कर वनों और अन्य जिलों के चिड़ियाघरों में भिजवा दिए हैं। इसके बाद भी गुलदार के हमले जनपद में हो रहे हैं।
बृहस्पतिवार को ही ग्राम सब्दलपुर रेहड़ा में गुलदार के हमले से एक किशोर की मौत हो गई थी। इस पर जिला प्रशासन ने गन्ना विभाग से गुलदारों के हमले से बचाव के लिए किसानों को जागरूक करने के लिए निर्देश दिए है। इसी क्रम में किसानों के मोबाइलों पर संदेश भेजकर, गोष्ठी कराकर और होर्डिंग लगवाकर कर गुलदार के हमले से बचाव के तरीके बताए जा रहे है।
सवा दो लाख किसानाें तक पहुंचे संदेश
डीसीओ पीएन सिंह ने बताया कि चीनी मिलों के सहयोग से करीब सवा दो लाख किसानों तक गुलदार से बचाव को मैसेज भेज दिए गए हैं। अन्य को भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा हर चीनी मिल अपनी एप किसानों को डाउन लोड कराकर जागारुकता के बारे में बता रही है।
गोष्ठी से जगेगी गुलदार से बचाव की अलख
गुलदार के बचाव को गांवों व क्रय केंद्रों पर किसानों को एकत्र करके उन्हें गुलदार से बचाव को क्या करें, क्या न करें के बारे में बताया जाएगा। चीनी मिलों के कर्मचारियों सहयोग लिया जाएगा।
गुलदार के हमले से बचाव के यह करें
- खेतों पर दो या दो से अधिक लोगों के साथ जाएं।
- गन्ना कटाई से पहले शोर गुल मचाकर हाका लगाएं।
- खेतों पर कार्य करते समय मोबाइल अथवा रेडियो से तेज आवाज में गाना बजाएं।
- खेतों पर खेती का कार्य दिन के उजाले में ही करें।
-रात्रि के समय घर के आसपास पर्याप्त रोशनी रखें।
सभी चीनी मिलों के सहयोग से किसानों को गुलदार के हमले से बचाने को जागरूक किया जा रहा है। गोष्ठी, क्रय केंद्रों पर होर्डिंग, बैनर व मैसेज के माध्यम किसानों को जागरूक किया जा रहा है। -पीएन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी