बिजनौर। रेहड़ में चार लोगों की जान लेने वाला गुलदार अब शातिर हो गया है। वन विभाग के अफसर और ट्रैक्यूलाइज करने वाली टीम अब गुलदार की अगली गलती का इंतजार कर रहे हैं। उसे फंसाने के लिए छह पिंजरों में दो-दो बकरी भी बांधी गई है, इसके बावजूद वह चार दिन से उधर क्षेत्र की ओर आया ही नहीं है। उधर टीम को अब पीलीडैम की ओर से आने वाले नाले में उसके होने की उम्मीद है, इसलिए उसके अंदर भी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
रेहड़ में गुलदार का खौफ कम नहीं हो रहा, उधर वन विभाग की परेशानी भी अब बढ़ने लगी है। तमाम इंतजामों के बावजूद गुलदार उस ओर आया ही नहीं है। चार दिन से वन अफसर जहां जंगलों की खाक छान रहे हैं, वहीं अब तक सारे इंतजार भी फेल नजर आए हैं। शनिवार को पिंजरे के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर भी बकरी को इस उम्मीद में बांधा गया कि शातिर हो चुका गुलदार उस क्षेत्र में आएगा। गुलदार को दिखते ही ट्रैक्यूलाइज करने के लिए टीम भी तैनात हो चुकी है। वन विशेषज्ञों की माने तो इंसानी खून चखने के बाद गुलदार पहले से कहीं ज्यादा शातिर हो जाता है। इसलिए वह भीड़ देख छिप रहा है या दूसरे क्षेत्र में पहुंच गया है।
दांत में परेशानी हुई तो जानवर नहीं मारेगा
अब रेहड़ में जो भी हमले हुए हैं, उसमें एक बात की यह भी संभावना जताई जा रही है कि उस गुलदार के दांत में परेशानी है। उसका एक दांत या तो टूट गया है या फिर उसके मुंह में जख्म है। ऐसी स्थिति में जानवर को मारना उसके लिए काफी मुश्किल है। यदि यह आशंका सही साबित हुई तो वह जल्द ही आसपास के क्षेत्र में किसी पर भी हमला कर सकता है।
अकेले व्यक्ति को जंगल में ज्यादा खतरा
आमतौर पर इंसानों पर हमलावर होने वाले बाघ तो दो या उससे अधिक लोगों पर भी हमला कर देते हैं, वहीं गुलदार का स्वभाव इससे उल्टा होता है। वह कभी भी भीड़ पर हमला नहीं करता। वह घात लगाकर अकेले व्यक्ति को निशाना बनाता है। वहीं वह सामान्य गुलदार की तरह व्यवहार नहीं करता। उस और शातिर हो जाता है और इंसानों को भी अपना शिकार समझने लगता है।
ट्रैप कैमरे में आई ग्रामीण की तस्वीर, गुलदार का अता-पता नहीं
वन विभाग ने जो ट्रैप कैमरे लगाए हैं, शनिवार को उनकी जांच की गई। उनमें तस्वीरे देखी गई तो पता चला किसी भी कैमरे में गुलदार की तस्वीर नहीं आई। एक ट्रैप कैमरे में एक ग्रामीण की ही फोटो मिली है।
जहां गुलदार हमलावर था, वहां जागरुकता कार्यक्रम चलाया गया। गुलदार से बचने के ग्रामीणों को उपाय बताए गए। वहां इसके बाद कोई घटना नहीं हुई है। प्रयास चल रहे हैं जल्द ही हमलावर गुलदार को पकड़ लिया जाएगा।
अरुण सिंह, डीएफओ, बिजनौर
गुलदार के व्यवहार और जंगल में काम करते समय ग्रामीण जागरूक रहें, इसके लिए गुलदार सुरक्षा एक्सप्रेस निकाली गई। जिले की हर रेंज में इसे रवाना किया गया है। हमारी टीम संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को गुलदार के व्यवहार से परिचित कराएगी।
ज्ञान सिंह, एसडीओ बिजनौर वन विभाग
अफजलगढ़ में रेहान के जंगल में ट्रेंप कैमरा लगाते वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी