बिजनौर। चांदपुर-हस्तिनापुर के बीच नारनौर पुल की अप्रोच रोड को गंगा की तेज धारा अब तोड़ नहीं पाएगी। दरअसल इसके स्थायी समाधान को पुल के दोनों और गाइड बंध का निर्माण किया जाना है। जिसके प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। वित्त एवं योजना विभाग से प्रस्ताव को लगभग हरी झंडी मिल चुकी है। प्रस्ताव में टूटी सड़क की मरम्मत को भी शामिल किया गया है।
नारनौर पुल पर दो दिन पहले लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता संजय प्रताप सिंह मेरठ और बिजनौर के लोनिवि अफसरों के संग दौरा कर चुके हैं। टीम ने पुल और सड़क का मौका मुआयना किया। बताया जा रहा है कि अब जल्द ही शासन से गाइड बंध के निर्माण वाले प्रस्ताव को मंजूरी मिलने वाली है। गंगा के दोनों किनारों पर एक एक किलोमीटर लंबे गाइड बंध बनेंगे। गाइड बंध बनने के बाद गंगा का पानी पुल के नीचे से होकर ही निकलेगा। बाढ़ के पानी का भी फैलाव नहीं होगा। दरअसल इस बरसात में गंगा उफान पर आई तो पानी ने पुल के पहुंच मार्ग को तोड़ दिया था। पहुंच मार्ग को इतना नुकसान पहुंचाया कि पुल सड़क से ही कट गया। तब से लेकर अब तक सड़क को पक्का नहीं किया जा रहा है। ऐसे में अगली बरसात आने से पहले गाइड बंध बनाए जाने की जरूरत समझी जा रही है। पुल की शुरुआती लागत 86 करोड़ आंकी गई थी, बाद में भेजे गए रिवाइज एस्टीमेट में लागत 100 करोड़ के पार जा पहुंची थी। संवाद
2020 में पूरा हो गया था पुल का निर्माण
साल 2008 में बसपा सरकार के दौरान गंगा नदी पर पुल के निर्माण को स्वीकृति मिली। अब 2020 में पुल बनकर तैयार हो गया था। पुल को सड़क से भी जोड़ दिया गया था। मगर पुल के पहुंच मार्ग को गंगा के कटान से बचाने के लिए गाइड बंध बनना बाकी है। गाइड बंध नहीं होने की वजह से इस साल आई बाढ़ में पुल के दोनों ओर से गंगा का पानी बहने लगा था और पहुंच मार्ग को पानी से काट दिया था।
पुल ने कम की है मेरठ से चांदपुर की दूरी
मेरठ से वाया हस्तिनापुर होते हुए चांदपुर का यातायात नारनौर में बने गंगा नदी के पुल से सुगम हुआ है। पुल के निर्माण से चांदपुर से मेरठ की दूरी 40 किमी कम हो गई है। वहीं मेरठ से स्योहारा, काशीपुर, नूरपुर और धामपुर की दूरी कम हुई है। हालांकि बरसात में सड़क कट जाने की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा था।
नारनौर पुल के दोनों ओर गाइड बंध बनाए जाने हैं। जिससे पानी पुल के नीचे से ही होकर निकल सके। सड़क की मरम्मत और गाइड बंध के निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन में भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही काम चालू कर दिया जाएगा। - सतेंद्र, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोनिवि मेरठ