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Bijnor News: ध्वनि और वायु प्रदूषण रोकने के लिए विकसित होगा ग्रीन मफलर

Sun, 11 Jun 2023 11:57 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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- लोक निर्माण विभाग सड़कों के किनारे लगाएगा पंद्रह हजार पेड़
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- फोरलेन हाईवे पर भी बीच में लगाए जाने हैं पौधे, जिलेभर में लगाए जाने हैं 65 लाख पौधे



संवाद न्यूज एजेंसी

बिजनौर। सड़क किनारे और फोरलेन हाईवे के बीच में खाली जगह पर ग्रीन मफलर विकसित किया जाएगा। जिससे ध्वनि और वायु प्रदूषण पर लगाम लग सके। अकेले लोक निर्माण विभाग 15 हजार पौधे लगाएगा जबकि हाईवे को भी एक लाख से अधिक पौधे रोपित करने हैं। सिर्फ सड़कें ही नहीं बल्कि जिले में अन्य जगहों पर भी 65 लाख पौधे लगाए जाने की योजना है। बरसात से पहले गड्ढे खोदने का काम चालू होना है।

जिले में सड़कों का जाल बिछ रहा है। हरिद्वार-काशीपुर नेशनल हाईवे, मेरठ-पौड़ी हाईवे और पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे के निर्माण के लिए जिले के लाखों पेड़ भेंट चढ़ चुके हैं। सड़कों पर राहगीर परेशान है, जिन्हें छाया ही नहीं मिलती। उधर, वायु और ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ा है। हालांकि पेड़ों को वापस तो नहीं लाया जा सकता है, लेकिन फिर से पौधारोपण की कवायद होने लगी।
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अब जिले में 65 लाख पौधों को रोपने का लक्ष्य रखा गया तो सड़कों के किनारे भी पौधारोपण की योजना बनी है। लोक निर्माण विभाग को पंद्रह हजार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। ग्राम पंचायतों को भी खाली पड़ी जमीन और सड़कों के किनारे पौधे लगाने के लिए कहा गया है। इनके अलावा सिंचाई विभाग की अपनी नहरों की सड़कों के किनारे पेड़ लगाएगा। कुल मिलाकर सड़कों के किनारे पौधारोपण को तरजीह दी जा रही है। जिससे सड़कों पर ग्रीन मफलर तैयार हो सके। ग्रीन मफलर ध्वनि और वायु प्रदूषण को कम करने का काम करता है।

वन क्षेत्र में रोपे जाएंगे 18 लाख पौधे

जिले में अन्य जगहों के अलावा वन क्षेत्र में भी पौधारोपण किया जाना है। वन क्षेत्र में 18 लाख पौधों का रोपण किया जाना है। जिससे वन क्षेत्र को और भी सघन बनाया जा सके। इसके अलावा सार्वजनिक और ग्राम समाज की भूमि पर पौधे लगाए जाएंगे।



क्या होता है ग्रीन मफलर



सड़कों के किनारे या औद्योगिक क्षेत्र में तीन से चार पंक्ति में समांतर पौधे लगाए जाते हैं। इसे ग्रीन मफलर कहा जाता है। क्योंकि पेड़ों की टहनियां और पत्ते वायु प्रदूषण को कम करने के साथ साथ ध्वनि की तरंगों को अवशोषित कर ध्वनि प्रदूषण को भी कम करती है। इसी लिहाज से फोरलेन हाईवे के दोनों लेन के बीच में खाली जगह पर कम ऊंचाई वाले पौधे लाइन में लगाए जाते हैं।

वर्जन:::
सड़कों पर पंक्ति में समांतर लगे पौधों को ग्रीन मफलर कहा जाता है। ग्रीन मफलर वायु प्रदूषण के साथ साथ वाहनों से निकलने वाली तेज आवाज को भी धीमा कर देता है। ग्रीन मफलर को विकसित करने के लिए लोनिवि 15 हजार पौधे लगाएगा - एसके राव, अधिशासी अभियंता लोनिवि
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जिले में कुल 65 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। वन क्षेत्र में 18 लाख पौधे लगाए जाएंगे। बाकी की जिम्मेदारी दूसरे विभागों को दी गई है - ज्ञान सिंह, एसडीओ वन विभाग
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