बिजनौर, गजरौला शिव। पशुओं के लिए जंगल में चारा लेने गई दादी-पोती की गुलदार को देख चीख निकल गई। आवाज सुन जंगल में काम कर रहे लोग भी आ गए। लोगों को आता देख गुलदार गन्ने के खेत में घुस गए।
शुक्रवार को गजरौला शिव निवासी सिराजुद्दीन की पत्नी खुर्शीदा (55) अपनी पोती मुस्कान (17) के साथ चरत सिंह के खेत में पशुओं के लिए बरसीन लेने जा रहीं थीं। जैसे ही वह खेत के नजदीक पहुंची तो दो गुलदारों को देख दादी-पोती की चीख निकल गई। दोनों ने शोर मचा दिया। शोर की आवाज सुनकर जंगल में काम कर रहे लोग उनके पास पहुंच गए। लोगों को आता देख गुलदार का जोड़ा गन्ने के खेत में घुस गया। दादी-पोती बिना बरसीन लिए ही घर आ गई।
वहीं मुकीमपुर धर्मसी निवासी कुंवर पाल सिंह (55) जंगल में अपना गन्ना छीलने गया था। जैसे ही वह खेत पर पहुंचा तो खेत में एक गुलदार व शावक को देख घबरा गया। शावक तो गन्ने के खेत में चला गया। गुलदार कुंवर पाल को देख वहीं खेत में बैठ गया। कुंवर पाल ने जैसे ही लोहे का कसला उठाया तो गुलदार गन्ने के खेत में छिप गया। कुंवर पाल घबराकर अपने कपड़े व बैल बुग्गी भी जंगल में छोड़कर घर आ गया। जंगल में गुलदार देखे जाने से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। जंगल में गुलदारों की संख्या काफी बताई जा रही है।