विकास भवन के बाहर चेिकंग अभियान चलाते एआरटीओ।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में अपर परिवहन आयुक्त के निर्देशानुसार एआरटीओ प्रवर्तन और पुलिस की संयुक्त टीम की ओर से सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ चलाए जा रहा वाहन चेकिंग अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान 85 वाहन चालकों का चालान किया गया। एआरटीओ ने 45 तथा टीएसआई ने 40 वाहनों के चालान किए।
जिले में पहली बार सोमवार को हेलमेट न लगाने वाले और सीट बेल्ट का प्रयोग नहीं करने वाले 110 सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के चालान किए गए थे। साथ ही उन्हें भविष्य में यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं करने की नसीहत दी गई थी। इसके बावजूद सरकारी अमला सुधरने को तैयार नहीं है। एआरटीओ प्रर्वतन रमेश कुमार चौबे और टीएसआई सुरेंद्र कुमार सिंह की संयुक्त टीम ने मंगलवार को विकास भवन, जिला अस्पताल, पुलिस लाइन के पास सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहनों की चेकिंग की गई। इस दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी दोपहिया वाहनों को चलाते समय बिना हेलमेट लगाए हुए मिले तो वहीं कई ने चौपहिया वाहन में सीट बेल्ट का प्रयोग नहीं किया।
पुलिस लाइन के बाहर यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले कई पुलिसकर्मियों के वाहनों के चालान किए गए। एआरटीओ द्वारा 30 दोपहिया तथा 15 चौपहिया वाहनों के चालान किए गए। एआटीओ रमेश कुमार चौबे ने बताया कि अभियान के अंतर्गत मंगलवार को करीब 85 सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहनों के चालान किए गए। कहा कि जब तक सरकारी अमला यातायात नियमों का पालन ठीक प्रकार से नहीं करेगा, तब तक अभियान जारी रहेगा। सरकारी अफसर और कर्मचारी आम जनता को यातायात नियमों के पालन करने का पाठ पढ़ाते हैं। इसलिए सबसे पहले हमें इसके खुद पर अमल करने की आवश्यकता है।
कई चिकित्सकों के भी कटे चालान
मंगलवार को जिला अस्पताल के सामने चलाए गए वाहन चेकिंग अभियान के दौरान कई चिकित्सकों के चालान काटे गए। इनमें अधिकांश दोपहिया वाहनों का संचालन करते समय बिना हेलमेट के पाए गए। साथ ही तीन चिकित्सकों के चौपहिया वाहनों का भी चालान हुआ। इनमें चालकों द्वारा सीट बेल्ट का प्रयोग न करने की खामियां पाई गई। सोमवार को भी दो एसीएमओ के वाहनों के चालान काटे गए थे।
दो एंबुलेंस चालकों के कटे चालान
रोगियों को उपचार दिलाकर उनकी जिंदगी बचाने के लिए दौड़ने वाली एंबुलेंस के चालकों ने भी यातायात नियमों का उल्लंघन किया। दो एंबुलेंस चालकों ने सीट बेल्ट नहीं लगा रखी थी। एक एंबुलेंस मरीज को लेकर जिला अस्पताल आई थी। मरीज को इमरजेंसी में पहुंचाने के बाद एआरटीओ ने चालान काटा और भविष्य में हमेशा यातायात नियमों का पालन करने की सीख दी।