मदरसा बहरुल उलूम लक्खी बाग में महिलाओं का सालाना लघु इज्तिमा आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
नींदडू। मदरसा बहरुल उलूम लक्खी बाग में महिलाओं का सालाना लघु इज्तिमा हुआ। मौलाना अब्दुल गफूर संभली ने लड़कियों के गुमराह होकर घर से चले जाने को बुनियादी तालीम की कमजोरी करार दिया। मां-बाप को लड़कियों की बुनियादी और दीनी तालीम पर ध्यान देना और अपनी जिम्मेदार को सही तरीके से निभाना चाहिए।
मौलाना मोहम्मद आसिफ अमानतुल्लाह सानी ने महिलाओं को पर्दे का महत्व समझाया। कहा कि वे स्वयं पर्दे में रहें और अपनी बच्चियों को पर्दे का अहतमाम कराएं, ताकि उन्हें गुमराह न किया जा सके। मुफ्ती सदाकत हुसैन ने कहा कि इस्लाम में ब्याज का लेनदेन करना हराम है। सूद लेना अपनी मां के साथ ज़िना करने के बराबर है। सूद का लेने और देने वाले दोनों गुनाहगार हैं। इससे हर हालत में बचना चाहिए।
मौलाना अब्दुल गफूर की अध्यक्षता एवं मुफ्ती मोहम्मद हंजला के संचालन में इज्तिमा का आगाज़ हाफिज इमरान की तिलावत से हुआ। हाफिज मुस्तफा तरन्नुम ने नात-ए-पाक पढ़ी। मुख्य अतिथि ने सामूहिक दुआ कराई।
इस अवसर पर मुफ्ती मुजम्मिल हुसैन, मुफ्ती मोहम्मद कासिम, मौलाना मोहम्मद फैसल, मोहम्मद दानिश, मोहम्मद गाजी अंथाई शेख, मौलाना इमरान अहमद मनकुआ, कारी इमरान अहमद नसीरपुर कलाली, कारी मोहम्मद अरशद, कारी इरफान अहमद एवं हाफिज महफूजुर्रहमान आदि मौजूद रहे।