बिजनौर। बारिश के बाद से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ चल रहा था। हालांकि अभी भी गंगा बैराज पर जलस्तर खतरे के निशान के करीब स्थिर हो गया है। रविवार को गंगा का जलस्तर 219.30 मीटर दर्ज किया गया।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ आई हुई है। जिससे सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। साथ ही क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ों और मैदान हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया था। अब दो दिन से गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब स्थिर हो गया है। बिजनौर गंगा बैराज पर खतरे का निशान 220 मीटर है। जबकि इस समय जलस्तर 219.30 मीटर चल रहा है। वहीं जलस्तर में कमी नहीं होने से गंगा खादर क्षेत्र में कटान कर रही है।
गंगा कटान की वजह से दर्जनों गांव प्रभावित हो रहे हैं। लोगों की फसलें गंगा के पानी के साथ ही बह गईं हैं। इसके अलावा अभी कई गांव जलमग्न हैं। गंगा के लगातार कटान करने से ग्रामीणों में भय का माहौल पैदा हो गया है। फसलें जलमग्न होने से पशुओं के लिए चारे की भी परेशानी आ रही है। रविवार सुबह के समय हरिद्वार बैराज से 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। मगर अब पानी को नियंत्रित करते हुए शाम चार बजे 84 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
वहीं बिजनौर बैराज से एक लाख आठ हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। हरिद्वार बैराज पर पानी नियंत्रित करने के बावजूद भी पहाड़ों पर बारिश होने से बरसाती नदियों में भी जलस्तर बढ़ा हुआ है।