फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गांवों के संपर्क मार्गों पर बह रहा गंगा का पानी

विज्ञापन
बिजनौर : चांदपुर के जलीलपुर क्षेत्र में गंगा का पानी सड़क पर आने के बाद उससे गुजरतीं छात्राएं। - फोटो : BIJNOR
विज्ञापन
गांवों के संपर्क मार्गों पर बह रहा गंगा का पानी
विज्ञापन

चांदपुर/जलीलपुर (बिजनौर)। गंगा खादर क्षेत्र में बरसात के मौसम में अक्सर बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। अबकी बार भी गंगा में उफान आने पर बार-बार बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। जलीलपुर के खादर क्षेत्र में गंगा का पानी आने से गांव मीरापुर सीकरी, रायपुर खादर व स्याली टापू बने हैं। गांवों के चारों तरफ गंगा का पानी बह रहा है। करीब आधा दर्जन गांवों के संपर्क मार्गों पर गंगा का पानी बहने से आवागमन बंद है। क्षेत्रीय जनता गंगा किनारे बंधा बनाने की मांग कर रही है।
जलीलपुर क्षेत्र के गांव सलेमपुर खादर, मीरापुर सीकरी, रायपुर खादर, जलालपुर खादर, नारनौर, धींवरपुरा, जमालुदीनपुर, दत्तियाना, सुजातपुर खादर, स्याली, मुजफ्फरपुर खादर, कुमरिया, हुसैनपुर खासा आदि के किसान फसल बचाने की जद्दोजहद में हैं। यदि गंगा का जलस्तर जल्दी ही कम नहीं होता है तो इन गांवों के किसानों की फसलों को नुकसान होगा। बाढ़ के हालात में किसानों के सामने पशुओं का पेट भरना समस्या बना रहता है। रास्तों और खेतों में तीन से चार फुट तक पानी भरा होने के कारण खेतों से चारा काटकर लाना बहुत मुश्किल है। पशुओं की हालत देख किसान जान जोखिम में डालकर गहरे पानी के बीच से निकल कर पशुओं पेट भरने के लिए चारा काटकर ला रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

तीन फुट पानी से होकर स्कूल जा रहे बच्चे
जलीलपुर क्षेत्र में गंगा नदी की बाढ़ के चलते जलीलपुर से सलेमपुर, मीरापुर सीकरी, रायपुर खादर, जलालपुर, दत्तियाना, सुजातपुर खादर, स्याली, मुजफ्फरपुर खादर, कुमरिया आदि सड़कों पर तीन फुट तक पानी बह रहा है। जिस कारण स्कूल वाहन गांव तक नहीं पहुंच रहे हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों के बड़े बच्चे पानी के बीच से पैदल व साइकिल के द्वारा स्कूल आ जा रहे हैं। इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली गांव रायपुर खादर की रजनी, अंजलि, सिमरन, साक्षी, प्रियांशी ने बताया वे करीब तीन फुट गहरे पानी में निकल कर स्कूल आ जा रही हैं। जब इन छात्राओं से बात की तो इन्होंने गंगा किनारे बांध बनवाने की मांग की ताकि इनको पानी से होकर स्कूल न जाना पड़े।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें