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अब की बार दस लाख वर्ग फीट में लगेगा गंगा स्नान मेला

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बिजनौर में विदुर कुटी के पास गंगा स्नान मेले के लिए निरीक्षण करते एएमए श्याम बहादुर शर्मा। - फोटो : BIJNOR
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बिजनौर। अबकी बार विदुर कुटी में गंगा किनारे लगने वाला मेला भव्य ही नहीं बल्कि क्षेत्रफल भी ज्यादा रहेगा। दस लाख वर्ग फीट में मेला लगाने की तैैयारी है जबकि पिछले साल महज आठ लाख वर्ग फीट में मेले का आयोजन हुआ था। हालांकि इस बार विदुरकुटी से तीन किलोमीटर दूर मेला आयोजन की जगह मिली है। अफसरों ने मेला आयोजन की तैयारी शुरू कर दी है, बाकायदा जगह का निरीक्षण भी कर लिया गया।
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कार्तिक पूर्णिमा को गंगा में लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं। जिसके चलते गंगा किनारे तंबुओं का शहर बस जाता है। इस बार पांच नवंबर को मेले का उद्घाटन होगा। जबकि मुख्य स्नान सात और आठ नवंबर को है। यूं तो अभी मेले में महीने भर का वक्त है, लेकिन जिला पंचायत ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शुक्रवार को एएमए श्याम बहादुर शर्मा और अभियंता कपिल शर्मा ने मेला आयोजन को गंगा किनारे जमीन का मुआयना किया। यह देखा गया कि मेला लगाने के लिए कौन की जगह उपयुक्त रहेगी। विदुर कुटी से तीन किलोमीटर आगे चलकर भूमि को चिन्हित किया गया है। यह भी रूपरेखा तैयार की गई है कि मेले में जाने के लिए मुख्य मार्ग के अलावा एक वीआईपी मार्ग भी बनाया जाएगा। जिससे आपात स्थिति या जाम लगने पर दूसरे रास्ते से पहुंचा जा सके।
आज होगी मेला समिति की बैठक
जिला पंचायत की मेला समिति की बैठक आज शनिवार को होनी है। जिसमें मेला आयोजन में कराए जाने वाले कामों के प्रस्ताव रखे जाएंगे। कार्यों के हिसाब किताब के अलावा भव्य बनाने के लिए भी सुझाव रखे जाएंगे। इस बार मेला आयोजन पर एक करोड़ से अधिक खर्च हो सकता है, क्योंकि पिछले साल 90 लाख रुपये खर्च हुए थे।
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बनेगा अलग सेक्टर
मेला परिसर में हर साल सरकारी तंबुओं के आवंटन को लेकर मारामारी रहती है। इस बार मेले में एक अलग से सेक्टर बनाया जाएगा। जिसमें तंबु लगाए जाने हैं। इन सभी तंबुओं की बुकिंग पंद्रह दिन पहले शुरू कर दी जाएगी। उन लोगों के लिए बड़े स्तर पर तंबु लगाए जाने की तैयारी है, जो बिना किसी इंतजाम के ही मेले में रात को ठहरने के लिए पहुंच जाते हैं। वहीं अबकी बार मेला दस लाख वर्ग फीट क्षेत्रफल में रहेगा। जबकि पिछले साल क्षेत्रफल आठ लाख वर्ग फीट में था।
कहां से बनेगा रास्ता, तय करेगा वन विभाग
जिस जगह से मेले तक रास्ता तैयार किया जाता है, उस जगह इस साल पौधारोपण किया जा चुका है। ऐेसे में जिला पंचायत के अधिकारी और वन विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से मौका मुआयना करेंगे। यह संभावना तलाशी जाएगी कि रास्ता कहां से निकाला जाए, जिससे पौधों का नुकसान नहीं होने पाए।
गंगा स्नान मेले के आयोजन को रूपरेखा बनने लगी है। गंगा किनारे जमीन का निरीक्षण किया जा चुका है। इस साल मेला भव्य रहेगा। क्षेत्रफल भी बढ़ाया गया है - श्याम बहादुर शर्मा, एएमए जिला पंचायत
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