बिजनौर के नजीबाबाद में मालन नदी का जलस्तर बढ़ने से जलमग्न हुईं फसलें।
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नजीबाबाद/नांगलसोती (बिजनौर)। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने से दूसरे दिन भी क्षेत्र की कोटावाली, मालन और गंगा नदी उफान पर रहीं। नदियों ने जहां कई बीघा कृषि भूमि का कटान किया, वहीं किसानों की कई बीघा फसलें जलमग्न हो गई।
भागूवाला क्षेत्र की कोटावाली नदी का जलस्तर शुक्रवार की सुबह सात बजे बढ़ गया। पानी आने से कोटावाली नदी ने गांव रामपुर चाठा में किसानों की कई बीघा कृषि भूमि का कटान किया। ग्रामीण शशीनाथ, रूपराम, अय्यूब, अरविंद त्यागी का कहना है कि कोटावाली नदी कृषि भूमि का कटान करती हुई गांव की ओर बढ़ रही है, जिससे रामपुर चाठा का अस्तित्व पर खतरे में है। दो दिनों से नदी का जलस्तर बढ़ने से किसानों की कई बीघा फसल नदी में समां चुकी है। नदी से गांव की दूरी मात्र 85 मीटर रह गई है। उधर, नांगलसोती के गांव गौसपुर में भी गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया। ग्रामीण भूपेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान राजेश सिंह, नरेश कुमार का कहना है कि शुक्रवार को गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी अस्थायी तटबंधों के ऊपर से होकर गुजरा। ग्रामीण दिनभर कटान को लेकर चिंतित रहे।
उधर, नजीबाबाद में मालन नदी उफान पर रही। मालन नदी ने गांव खैरुल्लापुर, शेखुपुरा आलम, साहबपुरा उमराव और लाहककला के दर्जनों किसानों की कृषि भूमि का कटान किया। मालन नदी का जलस्तर बढ़ने से पूंडरीकला-बरमपुर संपर्क मार्ग पर दर्जन गांवों का संपर्क टूट गया। नदी के एक ओर पूंडरीखुर्द, पूंडरीकला, बरकातपुर, सबलपुर बीतरा और दूसरी ओर ताहरपुर, पाड़ली, पाड़ला, बरमपुर, रायपुर, मौअज्जमपुर हैं। स्थानी पुल न होने से इन गांवों के लोग नदी से होकर आवाजाही करते है।