- मालन नदी के उफान से कछियाना और खैरुल्लापुर बस्ती हुई जलमग्न
- राहत बचाव के लिए प्रशासन की टीम ने डेरा डाला, फसलें बर्बाद
फोटो-13एनजेडबी01ए से 01ई तक
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद (बिजनौर)। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज वर्षा होने से नगर की आबादी क्षेत्र से गुजरने वाली मालन नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया। कछियाना, खैरूल्लापुर बस्ती के मकानों में कई फीट पानी भर गया। राहत बचाव के लिए प्रशासन की टीम ने डेरा डाला।
पहाड़ों पर हुई तेज वर्षा से मालन नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार की दोपहर करीब एक बजे से बढ़ना शुरू हो गया। मात्र डेढ़ घंटे के भीतर नदी का जलस्तर कई फीट ऊंचा पहुंच गया। नदी के किनारे बसे कछियाना और खैरुल्लापुर क्षेत्र की सब्जी की फसल को तबाह करने के बाद पानी आबादी के बीच घुस गया। जलभराव होते हुए क्षेत्र में हड़कंप मच गया। क्षेत्र के मकानों, संपर्क मार्गों में चार से पांच फीट पानी भरने से क्षेत्रवासियों का घरेलू सामान पानी में डूब किया। कई लोगों ने मकान की छतों पर पहुंचकर जान बचाई।
एसडीएम विजय वर्धन तोमर, नायब तहसीलदार सार्थक चावला ने राजस्व टीम और बचाव दल की टीम के साथ जलभराव क्षेत्र का दौरा किया।मालन नदी के उफान से रम्पुरा क्षेत्र की रिहायशी बस्ती में भी पानी भरने से हड़कंप मच गया। हरिद्वार मार्ग के मालन नदी के पुल के ऊपरी हिस्से तक पानी पहुंचने की सूचना पर बड़ी संख्या में लोक सेल्फी और स्थिति देखने के लिए पुल पर एकत्र हो गए। सूचना मिलते ही एसडीएम विजय वर्धन तोमर और सीओ गजेंद्र पाल सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी राधेश्याम के नेतृत्व में पुलिस ने मालन नदी पुल पर मोर्चा संभाला और लोगों को भीड़ को पुल से हटाया।
एसपी ने किया प्रभावित क्षेत्र का दौरा
एसपी नीरज कुमार जादौन ने उफनाईं मालन नदी से प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। हरिद्वार मार्ग स्थित मालन नदी पुल निरीक्षण के दौरान एसपी ने कांवड़ यात्रा मार्ग के जलभराव स्थिति का जायजा लेकर पुलिस को शिवभक्तों की सुरक्षा से संबंधित हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए।एसडीएम विजय वर्धन तोमर ने बताया कि मालन नदी का जलस्तर घटना शुरू हो गया है। प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए व्यवस्था जुटाई गई हैं। जरूरत पड़ने पर एमडीकेवी इंटर कॉलेज में राहत शिविर बनाया गया है। कछियाना और खैरूल्लापुर में स्थिति से निपटने के लिए एक नाव और गोताखोरों की व्यवस्था की गई है।
प्राचीन मंदिरों में भी पानी
मालन नदी के उफान से टीला मंदिर क्षेत्र जलमग्न हो गया। क्षेत्र के कई प्राचीन मंदिरों में भी भारी जलभराव हुआ। टीला मंदिर की दीवार मालन नदी के उफान से धराशाई हो गई। क्षेत्रवासियों पवन अग्रवाल, निशिथ ऐरन, शिवकुमार आदि का कहना है कि उनकी याद में मालन नदी में ऐसा रौद्र रूप कभी धारण नहीं किया।