बिजनौर। जिले में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। जनवरी में रोजाना तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। शुक्रवार जनवरी का सबसे ठंडा दिन और रात रही। जिससे लोगों की कंपकंपी छूटती रही। धूप नहीं निकलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अभी तापमान में और कमी दर्ज होने की संभावना है।
जनवरी में सर्दी का सितम बरकरार है। पिछले साल की तुलना में तापमान में काफी कमी दर्ज हो रही है। जिससे लोगों की दिनचर्या बिगड़ गई है। सर्दी अधिक होने से गर्म कपड़ों में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। सर्दी से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। शुक्रवार को सुबह हल्का कोहरा छाया रहा। धूप नहीं निकलने से लोग सर्दी में ठिठुरते रहे। बच्चे और बुजुर्ग घरों में कैद रहे। राहगीर बाइक से कंपकंपाते हुए अपनी मंजिल तक पहुंचे।
वहीं शुक्रवार को अधिकतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि साल 2023 में 12 जनवरी को अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस बार तापमान पिछले साल की तुलना में आधा हो गया।
- कोहरे के बाद पड़ेगा पाला, सर्द होगी रात
नगीना स्थित कृषि वेधशाला के प्रेषक सतीश कुमार का कहना है कि अभी कोहरा छा रहा है। मगर 20 जनवरी के आसपास पाला पड़ने की संभावना है। जिससे रात और ठंडी होगी। पूरी जनवरी लोगों को सर्दी से राहत मिलने वाली नहीं है। पाला पड़ने से फसलों को भी नुकसान होगा।
- जिले में पिछले एक सप्ताह का तापमान
तारीख- अधिकतम तापमान- न्यूनतम तापमान
06 जनवरी- 14.6- 7.2
07 जनवरी- 12.6- 6.8
08 जनवरी- 18- 6.6
09 जनवरी- 13.8- 7.4
10 जनवरी- 12.8- 6.8
11 जनवरी- 11.8- 6.5
12 जनवरी- 10.8- 4.4
नोट: तापमान डिग्री सेल्सियस में है और नगीना स्थित कृषि वेधशाला से लिया गया है।
- हरे व शीतलहर चलने से लुढ़का पारा
नहटौर। पिछले कई दिनों से भयंकर ठंड पड़ रही है। शुक्रवार को कोहरे व शीतलहर के कारण पारा और लुढ़क गया। जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। ऐसे में लोगों ने अपने घरों में ही रहना मुनासिब समझा। कामकाजी लोगों ने सर्दी से बचने के लिए अलाव, इलेक्ट्रिक हीटर का सहारा लिया। पढ़ने वाले बच्चे भी सर्दी में रुक-रुककर हाथ सेकते नजर आए। वहीं सर्दी बढ़ने से चाय की दुकानों पर रौनक नजर आई।
- अधिकांश लोग सर्दी में रहे घरों के अंदर
नींदडू। शुक्रवार का दिन ज्यादा ठंडा रहा। शीतलहर के कारण सर्दी में इजाफा महसूस किया गया। सर्दी अधिक होने पर अधिकांश लोग घरों से बाहर नहीं निकले। जुमे की नमाज पढ़ने के लिए अपेक्षा से कम नमाजी मस्जिदों में आए। खेतों पर कार्य करने गए किसान कंबल व मोटे कपड़ों में लिपटे रहे।