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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामपाल सिंह का निधन

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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामपाल सिंह।(फाइल फोटो) - फोटो : BIJNOR
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फीना निवासी स्वतंत्रता सेनानी रामपाल का निधन
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फीना/बिजनौर। नूरपुर क्षेत्र के ग्राम फीना के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामपाल सिंह का मंगलवार को निधन हो गया। रामपाल सिंह 108 वर्ष के थे।
16 अगस्त 1942 को नूरपुर थाने में तिरंगा लगाने के लिए आसपास के सेनानी बड़ी संख्या में थाने पर पहुंचे थे। इसमें ग्राम फीना से लगभग तीन सौ आंदोलनकारी नूरपुर गए थे। रामपाल सिंह भी फीना से नूरपुर जाने वालों में से एक थे। देश के आजाद होने तक अंग्रेजों को इनके बारे में पता नहीं चला। इस कारण इनका नाम सूचीबद्ध नहीं हो पाया और ये गुमनाम रह गए। जनवरी 2019 में इनका नाम तब प्रकाश में आया जब क्षेत्रीय इतिहास संकलन एवं लेखन अभियान जनपद बिजनौर के संयोजक फीना निवासी हेमंत कुमार गुमनाम सेनानियों पर खोज करते हुए इन तक पहुंचे। गत वर्ष 16 अगस्त को जन सहयोग से तिरंगा यात्रा निकालकर ग्रामीणों ने रामपाल सिंह को सम्मानित किया था। हेमंत कुमार ने अपनी पुस्तक ग्राम फीना के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उनकी संघर्ष गाथा में इनका उल्लेख किया है। रामपाल सिंह की आयु लगभग 108 वर्ष के आसपास थी। वृद्धावस्था के कारण रामपाल सिंह कुछ समय से चलने फिरने में असहाय थे। ये आजादी से पहले की बातों का जिक्र अक्सर ग्रामीणों से करते रहते थे। इनके परिवार को गांव में सब्दलपुरिया के नाम से पहचाना जाता है। वर्तमान में जनपद के अंदर गिने-चुने सेनानी ही जीवित बचे हैं। रामपाल सिंह के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। इनके पूर्वज बिंदा सिंह ने प्रथम विश्व युद्ध में भाग लिया था। इनके एक पौत्र आईटीबीपी में इंस्पेक्टर के रूप में सीमा पर देशसेवा कर रहे हैं। फीना गांव सेनानियों की बड़ी संख्या के लिए जाना जाता।
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