- साल 2020 में चालू करना था फोरलेन हाईवे, नजीबाबाद बाईपास भी अधूरा
- एनएचएआई ने ठेकेदार को जारी किया नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। दो हजार करोड़ की लागत से हरिद्वार से काशीपुर तक हाईवे को फोरलेन में तब्दील किया जाना था। मगर, नगीना से हरिद्वार तक निर्माण समय सीमा बीतने के चार साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। नजीबाबाद बाईपास के भी चालू होने में ओवरब्रिज और पुलों का निर्माण पूरा होने का इंतजार है।
साल 2020 में निर्माण पूरा कर लिया जाना था। नगीना से हरिद्वार के बीच में जगह जगह निर्माण अधूरा रह गया। इस हिस्से में भागूवाला में टोल प्लाजा का निर्माण होना है। उधर, नेशनल हाईवे अधिकारी 80 फीसदी काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं। कहना है कि अप्रैल 2025 तक काम पूरा कर लिया जाएगा।
दूसरा ठेकेदार भी नहीं दे पाया काम को गति
नगीना से हरिद्वार के बीच पहले ठेका किसी और कंपनी को मिला था। बाद में जब उसने काम अधूरा छोड़ दिया तो दूसरे ठेकेदार को लगाया गया। मगर, यह ठेकेदार भी काम को गति नहीं दे पाया है। पिछले दिनों नजीबाबाद बाईपास पर काम चालू हुआ था, जो अब बेहद धीमी गति से चल रहा है। इसी वजह के चलते एनएचएआई की ओर से ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है।
बाईपास में पुल और ओवरब्रिज अधूरा
नगीना से हरिद्वार जाने के लिए नजीबाबाद में दस किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण होना है। यह श्रवणपुर नहर से शुरु होकर जलालाबाद होते हुए मंडावली के राहतपुर में जाकर निकल रहा है। इस पर सड़क बन चुकी है। मगर जलालाबाद में ओवर ब्रिज, रेलवे का ब्रिज और रत्नाल नदी पर पुल नहीं बन सका। रत्नाल नदी के पुल का निर्माण पिछले दो सालों से बंद है।
नजीबाबाद में निर्माणाधीन हैं दो बाईपास
नजीबाबाद में दो बाईपास का निर्माण चल रहा है। मेरठ पौड़ी नेशनल हाईवे को नजीबाबाद से बाहर निकालने के लिए करीब दस किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण अस्सी फीसदी हो चुका है। यह बाईपास कोटद्वार रोड पर चीनी मिल के पास जाकर निकल रहा है। वहीं नगीना हरिद्वार हाईवे का भी बाईपास दस किलोमीटर लंबा है। ये दोनों बाईपास चालू होते ही नजीबाबाद में वाहनों का दबाव कम हो जाएगा।
नगीना से हरिद्वार तक फोरलेन हाईवे का निर्माण अस्सी फीसदी हो चुका है। अनुमान है कि अप्रैल 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। धीमी गति से निर्माण पर ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा चुका है। ...सरफराज उर रहमान, परियोजना निदेशक, एनएचएआई