बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश राम अवतार यादव ने अलीम अहमद अलहमिदिया की हत्या में अकरम, अशरफ, कलवा और वसीम को दोषी पाया है। अदालत ने इन चारों को आजीवन कारावास की सजा और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अमीरुद्दीन निवासी स्योहारा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा कि उसके बेटे वसीम अहमद और अलीम अहमद 11 मार्च 2018 की शाम मस्जिद से नमाज पढ़कर निकले। तभी अकरम मोहल्ला मिल्कियान, अशरफ, कलवा और वसीम गलकट निवासी मोहल्ला बंदूकचियान ने अलीम के पेट में तमंचे से गोली मार दी। अलीम को बचाने आए उसके भाई वसीम के सिर में तमंचे की बट मारी और घायल कर दिया। दोनों घायलों को स्योहारा सीएचसी ले जाया गया। अलीम की दिल्ली अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना करते हुए हत्या और अवैध तमंचा रखने आदि की धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
अदालत में 10 गवाह पेश किए। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने चारों अभियुक्तों को दोषी पाया, जिन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।