-इस साल करीब 15 दवाइयों के नमूने जांच में मानकों पर नहीं उतरे खरे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से लगातार अभियान चलाकर दवाइयों के नमूने लिए जा रहे हैं। ऐसे अब चार दवाइयों की रिपोर्ट आ गई है। दवाइयां जांच में अधोमानक पाई गईं।
औषधि निरीक्षक उमेश भारती ने बताया कि चांदपुर में यूनिवर्सल मेडिकल स्टोर से सेफ्पोडॉक्सिम प्रोक्सेटिल का नमूना लिया था। जो डिजिटल विजन कालाआंब सिरमोर की कंपनी ने बनाई थी। इसके अलावा चांदपुर में ही मोहित मेडिकल स्टोर से सेफ्पोडॉक्सिम प्रोक्सेटिल का नमूना लिया था, जो सिवास बायोटेक पैरेंटर्लस केवट करनाल कंपनी में बना था। यह दवा भी जांच में अधोमानक पाई गई। इसके अलावा चांदपुर के गांव करनपुर में सैनी मेडिकल स्टोर से लिया गया नॉरफ्लोक्सासिन और टिनिडाजोल दवा भी जांच में मानकों पर खरी नहीं उतरी। यह दवा स्पेक्ट्रम फॉर्म्युलेशन प्राइवेट लिमिटेड मखनपुर हरिद्वार कंपनी ने बनाया था। वहीं सेफिक्सिम और ओफ़्लॉक्सासिन दवा का नमूना पार्क फार्मास्युटिक कालूझंडा बद्दी, सोलन की कंपनी ने बनाई थी। इन दवाइयों के नमूने जांच में अधोमानक पाए गए हैं।
वर्जन::
सितंबर माह में चार दवाइयों के नमूने जांच में अधोमानक पाए गए हैं। जांच कर मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। आगे भी लगातार दवाइयों के नमूने लिए जाएंगे।
....उमेश भारती, औषधि निरीक्षक, बिजनौर