- हाईवे पर टोल टैक्स देने के लिए जेब नहीं था पैसा, जानलेवा साबित हुआ खतरा उठाना
- टोल टैक्स की वजह से हाईवे छोड़ गांव के संपर्क मार्ग पर ले गया था टाटा मैजिक
अचल चौधरी
बिजनौर। मुफलिसी में दो मासूमों सहित चार जिंदगी मौत के दरिया में डूब गईं। दरअसल, टाटा मैजिक चालक की जेब खाली थी, टोल टैक्स देने के लिए भी रुपये नहीं होने की वजह से वह परिवार को मौत के सफर पर ले गया। नेशनल हाईवे छोड़ उसने जो रास्ता चुना, उसमें उफन रही बरसाती नदी में वाहन गिरा और पूरा परिवार ही उजड़ गया। वह अगर टोल टैक्स के 65 रुपये अदा कर हाईवे पर सफर किया होता तो यह हादसा नहीं होता।
बृहस्पतिवार को नगीना के अनवर के साथ रिश्तेदारी में गए परिवार के लिए यह सफर अंतिम साबित हो गया। परिवार के लोगों ने बताया बरसात के चलते आम के दाम कम हो गए हैं। आम सस्ते हुए तो अनवर ने अपनी बड़ी बहन के लिए आम खरीदे और आम का तोहफा देने के लिए उसके घर पुरैनी चल गया। उसने अपनी पत्नी रुबी (27), बहन शानवी (15), बेटी उमेदा (साढ़े तीन) और आयशा (डेढ़) को भी साथ ले लिया। लौटते वक्त कोटरा के रास्ते में पड़ने वाली पांवधोई नदी में वाहन गिरने से उसकी पत्नी, बहन और दोनों बेटियों की डूबने से मौत हो गई।
यूं तो फोरलेन हाईवे से गुजरने पर नगीना से पुरैनी करीब छह किलोमीटर पड़ता है। जबकि कोटरा होते हुए ग्रामीण संपर्क मार्ग से पुरैनी की दूरी आठ किलोमीटर है। फिर भी अनवर ने पुरैनी जाने के लिए हाईवे पर चलने के बजाय कोटरा का रास्ता चुना। बताया गया कि टोल टैक्स से बचने के लिए उसने खस्ताहाल मार्ग अपनाया। एसपी नीरज कुमार जादौन ने कहा कि ऐसा बताया जा रहा है कि उसकी जेब में टोल टैक्स देने के लिए पैसे नहीं थे। (संवाद)
सब्जी बेचने के लिए किराए पर ले रखा है वाहन
परिजनों ने बताया कि अनवर ने किराए पर टाटा मैजिक ले रखा है। जिसमें सब्जी भरकर वह गांव-गांव बेचता है। अब इसी वाहन से वह परिवार को लेकर बहन के घर चला गया। गरीबी की हालत में उसने टोल टैक्स से बचने के लिए हाईवे का सफर नहीं किया। एक तरफ से इस वाहन का टोल 65 रुपये है, आने जाने में 130 रुपया टोल लगना था।
तो पूरी नहीं सका पत्नी अंतिम इच्छा
पत्नी, बहन और बेटियों की मौत पर विलाप कर रहा अनवर रो रोकर यही बात कह रहा था कि रुबी की अंतिम इच्छा वह पूरी नहीं कर सका। बताया कि उसकी पत्नी बार-बार यही कहती थी, मकान बनवाने के लिए आवास योजना का फार्म भर दो। अनवर परिवार के साथ बेहद ही खस्ताहाल मकान में गरीबी में गुजर बसर कर रहा था।