नजीबाबाद। सादगी और ईमानदारी के लिए राजनीति में पहचान रखने वाले पूर्व विधायक रामस्वरूप धार्मिक त्योहारों को भी सादगी के साथ मनाते थे। होली के हुड़दंग से दूर रहते थे, लेकिन साहनपुर के होली जुलूस में उनकी भागीदारी रहती थी।
पूर्व विधायक रामस्वरूप के आवास क्षेत्र मोहल्ला रवापुरी से दुल्हैंडी पर होली जुलूस निकलता था। विभिन्न क्षेत्रों से होता हुआ जुलूस जिसमें सभी जातियों के लोगों की भागीदारी होती थी और जुलूस रवापुरी आकर समाप्त होता था। विधायक रामस्वरूप जुलूस का नेतृत्व करने वाले सादीराम राजपूत, कृपाल सिंह राजपूत, मुसद्दी चौकीदार, लल्लू सिंह, किशोरी पहलवान आदि के साथ जुलूस के बाद घर पर ही होली की एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते थे।
जुलूस की एक परंपरा रहती थी कि जुलूस दुल्हैंडी पर चाहे 12 बजे समाप्त हो या उससे पहले रंग जुलूस समाप्त हो उसके बाद कोई किसी पर रंग नहीं डालता था। जुलूस समाप्त होते ही नहाने धोने का काम भी पूरा हो जाता था। रामस्वरूप इस परंपरा को निभाने के लिए क्षेत्रवासियों को प्रेरित किया करते थे। आज भी इस परंपरा को क्षेत्रवासी निभाते चले आ रहे हैं।
पूर्व विधायक मास्टर रामस्वरूप के बेटे राज कुमार का कहना है कि होली में अधिकांश समय रामस्वरूप घर में रहते थे और बड़ी संख्या में मुस्लिम लोग उन्हें आकर होली की शुभकामनाएं दिया करते थे।
- पूर्व विधायक सुक्खन सिंह होली पूजन तक ही रहते थे सीमित
नजीबाबाद। सादगी की पहचान रहे पूर्व कांग्रेसी विधायक चौधरी सुक्खन सिंह लंबे अर्से तक आर्य समाज के सिद्धांतों से जुड़े रहे। वर्ष 1974 से 77 तक और वर्ष 1985 से 88 तक विधायक रहे। सादा जीवन उच्च विचार में यकीन रखने वाले चौधरी सुक्खन सिंह होली और दीपावली पर्व पर केवल पूजन तक ही सीमित रहे।