- एसीजेएम एमपी-एमएलए कोर्ट अभिनव यादव ने सुनाया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। एसीजेएम एमपी-एमएलए कोर्ट अभिनव यादव ने अचार संहिता के उल्लंघन के मामले में दोष सिद्ध नहीं होने पर पूर्व विधायक सपा नेता हाजी कुतुबुद्दीन को बरी कर दिया है।
नूरपुर के थानाध्यक्ष सुबोध कुमार सक्सेना ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि वह 20 जनवरी 2012 को अपने साथ बीएसएफ के पलाटून कमांडर, एसडीएम चांदपुर, राजेश्वर, सीओ चांदपुर, शकुंतला देवी के साथ चुनाव आयोग की ओर से दिए गए आदेशों के अनुपालन में राजनीतिक प्रत्याशियों द्वारा चुनाव अचार संहिता के उल्लंघन पर जांच के लिए रवाना हुआ। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे नूरपुर के बुध बाजार में सपा के संभावित उम्मीदवार के रूप में चुनाव प्रचार कर रहे हाजी कुतुबुद्दीन के चुनाव कार्यालय पर पहुंचा। वहां पाया कि अचार संहिता का उल्लंघन किया जा रहा है। निर्धारित मात्रा से अधिक बैनर, झंडे, पोस्टर लगा रखे हैं।
जिन पर मुद्रक प्रकाशक व प्रकाशित प्रतियों की संख्या अंकित नहीं है। मौके की वीडियोग्राफी कराई गई। बैनर, पोस्टर कब्जे में लिए गए। इस मामले में सुनवाई के दौरान आठ गवाह पेश हुए। हाजी कुतुबुद्दीन द्वारा कहा गया कि उसने निर्धारित मात्रा से अधिक झंडे, पोस्टर, बैनर नहीं लगाए गए थे। उसकी छवि धूमिल करने के लिए गलत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस मामले में जब्त किए गए पोस्टर, बैनर को न्यायालय में पेश कर माल साबित नहीं कराया गया। अदालत ने अपने आदेश में लिखा है कि अभियोजन पक्ष ऐसा कोई तथ्य पेश नहीं किया गया है, जो यह साबित करता हो कि हाजी कुतुबुद्दीन ने कोई ऐसा काम किया हो। जिससे जनजीवन को खतरा हो एवं असुविधा हुई हो। अचार संहिता उल्लंघन का भी कोई साक्ष्य पेश नहीं किया गया है। जिसके चलते अदालत संदेह का लाभ देते हुए हाजी कुतुबुद्दीन को बरी करती है।