स्योहारा। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। ग्राम विकास अधिकारी की आईडी हैक कर ली गई। जिससे 214 प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। महज दस दिनों में सैकड़ों प्रमाण पत्र जारी होने पर आईडी हैक होने पर शक हुआ। प्रमाण पत्रों के फर्जीवाड़े से ब्लॉक में हड़कंप मचा हुआ है। फिलहाल पुलिस को तहरीर दी गई और पोर्टल आईडी को बंद कराने के लिए अफसरों को लिखा गया है।
बूढ़नपुर(स्योहारा) ब्लॉक की ग्राम पंचायत अमीरपुर में अमित कुमार बतौर ग्राम विकास अधिकारी तैनात है। ग्राम विकास अधिकारी और पंचायत सचिव को अपनी अपनी पंचायत में जन्म और मृत्यु प्रमाण जारी करने का अधिकार होता है। प्रमाणपत्र बनाने के लिए भारत सरकार की ओर से संचालित सीआरएस पोर्टल के माध्यम से आईडी पासवर्ड पंचायत सचिवों और ग्राम विकास अधिकारियों को दिए गए थे। सालों से यह व्यवस्था चली आ रही है।
14 जुलाई को अमीरपुर पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी अमित कुमार की आईडी हैक कर ली गई। यह दावा पुलिस को दी गई तहरीर में किया गया। 14 जुलाई से लेकर 24 जुलाई तक एक ही आईडी से 214 जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। एक गांव में बड़े स्तर पर प्रमाण पत्र जारी हुए तो मामला पकड़ में आ गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि एक ही दिन में बीस से अधिक प्रमाण जारी किए गए। बता दें कि जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आनलाइन आवेदन करना होता है। जिस पर ग्राम पंचायत अधिकारी या सचिव जांच कर संस्तुति करते हुए प्रमाण पत्र जारी कर देते हैं। फिलहाल इस फर्जीवाड़े का पता लगते ही ब्लॉक के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। आनन फानन ग्राम विकास अधिकारी अमित कुमार की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई दी गई। जिसमें आरोप लगाया कि आईडी हैक कर फर्जी तरीके से लगभग 214 जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। थानाध्यक्ष राजीव चौधरी का कहना है कि मामले की जांच एसएसआई गंगाराम गंगवार को दी गई है। शीघ्र ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
प्रदेश के कई जनपदों के प्रमाण पत्र हुए जारी
यूं तो सिर्फ अमीरपुर पंचायत के ही इस आईडी से प्रमाण पत्र जारी किए जाने थे, लेकिन सिर्फ बिजनौर ही नहीं बल्कि कई जनपदों के प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। बरेली, चंदौली और बदायूं के भी प्रमाण पत्र जारी हुए हैं। इसके अलावा बिजनौर में अन्य कई ब्लॉक के प्रमाण पत्र भी इसी आईडी से बना दिए गए।
और भी आईडी हैक होने की संभावना
अभी तो सिर्फ एक ही आईडी हैक होने का खुलासा हुआ है। कयास लगाए जा रहे हैं कि दूसरे पंचायत सचिवों की आईडी भी हैक हो सकती है। क्योंकि इस आईडी के हैक होने का खुलासा बड़े स्तर प्रमाण पत्र जारी होने की वजह से हो सका। दो या चार प्रमाण पत्र बनाए जाते तो शायद मालूम भी नहीं पड़ता।
उन्हें अपनी आईडी हैक होने की जानकारी 25 जुलाई को मिली। जिसके बाद जारी किए गए प्रमाण पत्रों की लिस्ट निकाल ली गई है। मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी गई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद फर्जी तरीके से बनाए गए सभी प्रमाण पत्र निरस्त किए जाएंगे - अमित कुमार, ग्राम विकास अधिकारी
इस मामले की जांच कराई जाएगी। मामला संज्ञान में आया है। यदि कहीं और भी ऐसी शिकायत मिलती है, तो कार्रवाई की जाएगी - विनय कुमार, एडीएम प्रशासन