- कॉलेज प्रशासन का रवैया देख रो पड़ीं सहमी छात्राएं
- समय पर परीक्षाएं नहीं होने पर काॅलेज प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। समय से परीक्षा नहीं होने पर भविष्य अंधकार में डूबा देख छात्राओं के सब्र का बांध टूट गया। ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर छात्राएं नूरपुर रोड स्थित विवेक कॉलेज के बाहर ही हाईवे पर बैठ गईं और धरना लगा दिया। छात्राओं को जबरन सड़क से हटाने के लिए खींचतान की गई। कुछ पुरुष स्टाफ ने ही छात्राओं को हाथ पकड़कर खींचते हुए सड़क से हटाया। कॉलेज प्रशासन का यह रवैया देख छात्राएं सहम गई, कुछ के आंसू भी छलक गए। कॉलेज प्रशासन आरोपों को गलत बताता रहा।
शुक्रवार सुबह करीब दस बजे नर्सिंग की छात्राएं नूरपुर रोड स्थित विवेक कालेज पहुंचीं। ये छात्राएं काॅलेज गेट के सामने सड़क के बीच में धरना देकर बैठ गईं। नर्सिंग से बीएससी कर रही छात्राओं ने बताया कि तीन साल से वे काॅलेज में पढ़ रही हैं, लेकिन काॅलेज प्रशासन समय से परीक्षा नहीं करा रहा है। छात्राओं के बीच सड़क में बैठ जाने की वजह से हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगने लगी। कॉलेज के बाहर जाम लगता देख और हंगामा बढ़ने पर महाविद्यालय चेयरमैन अमित गोयल छात्राओं के बीच पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया। इसी बीच काॅलेज प्रशासन के एक जिम्मेदार पदाधिकारी कुछ शिक्षकों के साथ छात्राओं के बीच पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शिक्षकों ने छात्राओं को जबरन खींचना शुरू कर दिया।
कुछ छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के इस रवैए का विरोध किया तो उन्हें चुप करते हुए आखिरकार सड़क से हटा दिया गया। करीब आधा घंटा तक छात्राओं और कॉलेज प्रशासन के बीच यह रार चली। इसके बाद उन्हें वार्ता के लिए काॅलेज परिसर में ले जाया गया। पुलिस ने जाम की जानकारी नहीं होने की बात कही।
आरोप निराधार, छात्राओं को समझाया गया : हितेश शर्मा
विवेक कॉलेज के मीडिया कॉर्डिनेटर डॉ. हितेश शर्मा ने बताया कि परीक्षा में विश्वविद्यालय से देरी होने से छात्राओं में असंतोष था, जिसके चलते उन्होंने विरोध किया। नाराज होकर बाहर सड़क पर बैठी छात्राओं को वहां से उठाकर कॉलेज में ले आ गए। जिनके सामने ही विश्वविद्यालय में बात की गई, जिसके बाद छात्राएं संतुष्ट होकर कक्षाओं में पढ़ने चली गईं। बाकी आरोप निराधार है।