बिजनौर। जिले में खाद्य पदार्थ जांच में लगातार अधोमानक पाए जा रहे हैं। जिसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। मगर दुकानदार लगातार मिलावट कर रहे हैं। दिसंबर में एडीएम कोर्ट ने 33 मामलों की सुनवाई करते हुए 22 लाख 65 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जांच में खाद्य पदार्थ मानक पर खरे नहीं उतरे। जिसके बाद जुर्माना लगाया गया है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि जांच में खाद्य पदार्थ अधोमानक पाए जाने पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के नमूने भी एकत्र किए जाते हैं। मावा, दूध, बेसन, दही, दाल, हल्दी पाउडर, मिर्च पाउडर, मेदा, तेल, पनीर, चीनी, बर्फी, गुलाब जामुन, रसगुल्ला आदि खाद्य पदार्थ जांच में अधोमानक पाए गए हैं। मोहम्मद इरशाद पर नारियल दूध मिठाई अधोमानक पाए जाने पर 220000 रुपये, सोहिल पर मैदा अधोमानक आने पर एक लाख रुपये, शहजाद पर दूध अधोमानक पाए जाने पर तीन लाख रुपये, सुबुर आलम पर तेल अधोमानक पाए जाने पर 270000 जुर्माना लगाया गया।
इसके अलावा चंद्रशेखर पर रिफाइंड शुगर का नमूना अधोमानक आने पर तीन लाख रुपये, सुशील पर नमक अधोमानक आने पर तीन लाख रुपये, आकाश प्रताप पर शुगर का नमूना अधोमानक आने पर 90 हजार रुपये सहित 33 दुकानदारों पर खाद्य पदार्थों के नमूने अधोमानक पाए जाने पर जुर्माना लगाया गया है। खाद्य विभाग के अभिहीत अधिकारी नादिर अली का कहना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध विभाग का अभियान जारी रहेगा। मिलावट करने वालों पर आगे भी कार्रवाई करेंगे।