बिजनौर। सरकार ने अगस्त माह में 156 फिक्स डोज काॅबिनेशन की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। जिलेभर के मेडिकल अस्पतालों में फिक्स डोज काॅबिनेशन की करीब चार कराेड़ रुपये की प्रतिबंधित दवाइयां रखी हुईं हैं। प्रतिबंधित दवाइयों को वापस कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से अभियान चलाया जाएगा।
जिले में करीब रिटेल और होलसेल के करीब पांच हजार मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे हैं। जिनमें से सभी कुछ कोई न कोई प्रतिबंधित दवा रखी हुई है। एसेक्लोफेनाक 50 मिलीग्राम और पैरासिटामोल 125 मिलीग्राम टेबलेट पर प्रतिबंध लगा दिया है। ये सिर दर्द से राहत दिलाने वाली दवा है। मिफेनामिक एसिड और पेरासिटामोल इंजेक्शन, सेटिरिजिन एचसीएल और पेरासिटामोल व फेनाइलफ्रिन एचसीएल, पेरासिटामोल, ट्रामाडोल, टॉरिन और कैफीन के मिश्रण आदि पर प्रतिबंध लगाया है। जिसके चलते अब इन दवाइयों को मेडिकल स्टोरों पर नहीं बेचा जा सकता। इसलिए इन दवाइयों को वापस कंपनियों को भेजा जाएगा। इसके लिए औषधि विभाग सितंबर माह में अभियान चलाएगा।
- एक मेडिकल स्टोर पर पांच से 20 हजार रुपये की प्रतिबंधित दवाई
जिला केमिस्ट एंड ड्रग्स एसोसिएशन के अनुसार एक मेडिकल स्टोर पर पांच से 20 हजार रुपये की प्रतिबंधित दवाई रखी हुई है। जिन्हें वापस किया जाएगा। देहात में संचालित मेडिकल स्टोर पर कम दवाइयां हैं।
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जिले में अभियान चलाकर प्रतिबंधित दवाइयों को कंपनियों को वापस कराएंगे। सरकार ने 156 फिक्स डोज काॅबिनेशन दवा पर प्रतिबंध लगाया है। प्रतिबंधित दवाइयों को वापस नहीं करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। - उमेश भारती, औषधि निरीक्षक, बिजनौर
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जिले के सभी मेडिकल स्टोरों पर करीब चार करोड़ रुपये की फिक्स डोज काॅबिनेशन दवा रखी हुईं हैं। इन दवाइयों को वापस कराया जा रहा है। संचालकों से प्रतिबंधित दवा नहीं बेचने के लिए कहा जा रहा है। - सुबोध कुमार, जिला केमिस्ट एंड ड्रग्स एसोसिएशन, अध्यक्ष, बिजनौर