हरिद्वार-काशीपुर नेशनल हाईवे पर फर्रुखाबाद के श्रद्धालुओं की मारुति इको कार सामने से आ रही तेज रफ्तार रोडवेज बस से टकरा गई। इस भीषण सड़क हादसे में कार सवार चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि इनके चार साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां युवकों की नाजुक हालत को देखते हुए मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
हादसा रविवार तड़के करीब चार बजे मंडावली के गांव मुस्सेपुर के निकट हुआ। इसमें कार सवार फर्रुखाबाद के राजेपुर निवासी धर्मेंद्र यादव (29), मंजीत (17), सच्चिदानंद (19) और अशोक यादव (28) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। धर्मेंद्र और अशोक चचेरे भाई थे। इनके साथी अमित (26), पवन (24), सुमित (27) और रोहित (26) गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें पवन ने मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। रोहित की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे के वक्त ये सभी ऋषिकेश के नीलकंठ मंदिर में जलाभिषेक करने के बाद फर्रुखाबाद के गांव राजेपुर स्थित घर लौट रहे थे। सूचना पर सीओ गजेंद्र पाल सिंह और मंडावली थानाध्यक्ष घटनास्थल पर पहुंच गए।
नींद की झपकी और कार की रफ्तार बनी हादसे की वजह
हरिद्वार-काशीपुर नेशनल हाईवे पर चालक को लगी नींद की झपकी की वजह से चार जिंदगी खत्म हो र्गइं। तीर्थ यात्रा पर हरिद्वार और ऋषिकेश आए आठों श्रद्धालुओं में चार की मौके पर ही मौत होने से यह यात्रा इनके लिए अंतिम यात्रा साबित हो गई। उधर, तीन घायल जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। हालांकि एक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
फर्रुखाबाद के कस्बा राजेपुरा से 29 जुलाई की शाम आठ युवकों का जत्था रामगंगा के पांचाल घाट से जल लेकर नीलकंठ के लिए चला था। ये श्रद्धालु नीलकंठ और हरिद्वार होते हुए लौट रहे थे। रात में करीब ढाई बजे ये हरिद्वार से घर के लिए निकल पडे़। सुबह चार बजे मंडावली के पास गांव मुस्सेपुर के निकट पहुंचे तो बरेली डिपो की बस और कार में टक्कर हो गई। पुलिस के मुताबिक कार चालक को नींद की झपकी आने से यह हादसा हुआ। कार की तेज रफ्तार भी हादसे की वजह बनी।
इस हादसे में कार चालक सच्चिदानंद की भी मौत हो गई। चचेरे भाइयों धर्मेंद्र यादव और अशोक उर्फ शेरा की जान भी नहीं बच सकी। धर्मेंद्र यादव एक निजी अस्पताल में काम करता था, जबकि अशोक बैंक कर्मी था। दो चचेरे भाइयों, कार चालक के अलावा इसमें मंजीत की मौत भी हुई है। मंजीत के पिता रमेश की भी सड़क हादसे में दो साल पहले जान चली गई थी। हादसे में पवन और उसका भांजा सुमित घायल हैं। पवन कस्बे में ही दुकान करता है। इस जत्थे में सात युवक राजेपुरा के रहने वाले हैं, जबकि आठवां युवक अमित बख्शपुर थाना राजेपुर का रहने वाला है। अमित बिजनौर के ही निजी अस्पताल में भर्ती है। जबकि सुमित, रोहित और पवन को मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया था।
डिवाइडर पर चढ़ा दी बस, फिर भी हो गया हादसा
पुलिस के अनुसार मौके पर जो हालात देखने को मिले, उससे जाहिर होता है कि बस चालक ने सामने कार को आता देख उसे बचाने का खूब प्रयास किया होगा। क्योंकि नजीबाबाद से हरिद्वार की ओर जा रही यह बस डिवाइडर पर चढ़ी मिली है। जबकि हरिद्वार से आ रही कार विपरीत दिशा में पहुंच गई। शायद इसी वजह से बस और कार की टक्कर हो गई। कार और रोडवेज के बीच टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ईको कार के परखच्चे उड़ गए। घटना स्थल पर पहुंची मंडावली पुलिस ने कार में फंसे मृत और घायलों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। घटना के बाद रोडवेज का चालक बस छोड़कर फरार हो गया। बताया जाता है कि बस में सवार कोई यात्री चोटिल नहीं हुआ। मंडावली पुलिस ने रोडवेज बस कब्जे में लेकर अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
वाहनों की रोशनी कर निकाले गए शव और घायल
सुबह चार बजे अंधेरा छाया हुआ था। ऐसे में जब घटनास्थल पर पुलिस पहुंची तो अंधेरा होने की वजह से दिक्कत आई। तब पुलिस ने क्रेन मंगाई और अन्य वाहनों को मंगाकर उनकी लाइट जलवाकर रोशनी की। तब कहीं जाकर कार में फंसे घायलों और मृतकों के शव को बाहर निकाला गया। कार में सवार आठ युवकों के जत्थे में सिर्फ एक युवक अमित ही बोल रहा था। जिसने पुलिस को सभी के नाम और पते बताए। बाकी अन्य तीन घायल बोलने की स्थिति में भी नहीं थे।
बिजनौर के नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग पर दुर्घटना स्थल से वाहन को निकालती पुलिस।- फोटो : NAZIBABAD
बिजनौर के नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग पर रोडवेज बस की टक्कर से क्षतिग्रस्त फर्रुखाबाद के श्रद्धालु?- फोटो : NAZIBABAD
बिजनौर के नजीबाबाद के हरिद्वार मार्ग पर दुर्घटना में क्षतिग्रस्त रोडवेज बस।- फोटो : NAZIBABAD