हाल ए मेडिसिन विभाग
- मेडिकल अस्पताल में सप्ताह में दो दिन ओपीडी करते हैं एक चिकित्सक
- मेडिसिन विभाग की एक ही ओपीडी चलने से लगी रहती है मरीजों की लंबी कतार
- 1200 ओपीडी पर्चे शुक्रवार को मेडिकल अस्पताल में बने
- 150 मरीजों ने मेडिसिन विभाग में चिकित्सक को दिखाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। कहने को तो मेडिकल अस्पताल के मेडिसिन विभाग में पांच डॉक्टर हैं। मगर, ओपीडी सिर्फ एक ही चलती है। मरीजों की अधिकता होने से उन्हें ओपीडी के बाहर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। चिकित्सक को दिखाने की जल्दी में ओपीडी के बाहर कई बार मरीजों की आपस में मारपीट भी हो चुकी है।
मेडिकल अस्पताल में काफी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को करीब 1200 नए ओपीडी पर्चे बने। करीब 300 मरीजों ने पुराने पर्चे से ही दवा ली। ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी रहती है। शुक्रवार को भी सबसे ज्यादा लंबी लाइन मेडिसिन विभाग की ओपीडी में नजर आई।
मेडिसिन विभाग में करीब 150 मरीज दवा लेने पहुंचे। पहले तो मरीजों ने चिकित्सक के आने का और फिर अपना नंबर आने का इंतजार किया। दवाई लेने सुबह अस्पताल पहुंचे मरीजों का दोपहर 12 बजे तक नंबर आया। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि मरीजों को काफी परेशानी हो रही है।
इस दिन रहती है चिकित्सकों की ड्यूटी
मेडिकल अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार मेडिसिन विभाग में सोमवार और शनिवार डॉ. राजेश डाबरे ओपीडी करते हैं। मंगलवार और शुक्रवार डॉ. आरएस वर्मा ओपीडी में मरीजों की देखते हैं। बुधवार व बृहस्पतिवार को डॉ. विक्की की ओपीडी रहती है।
लाइन में लगने के लिए दो महिलाओं में मारपीट, वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर मेडिकल अस्पताल की एक वीडियो वायरल हो रही है। जो इसी सप्ताह की मेडिसिन विभाग की ओपीडी के बाहर की है। इस वीडियो में दो महिलाओं में बीच मारपीट हो रही है। इसमें पास ही खड़े दूसरे मरीज दोनों को लड़ाई करने से राेकते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि लाइन में खड़े होने के ऊपर दोनों महिलाओं में मारपीट हुई है। ओपीडी के बाहर लाइन लंबी थी। लाइन में लगने को लेकर यह घटना हुई।
दूसरी ओपीडी शुरू होने से हल हो सकती है परेशानी
मेडिकल अस्पताल में फिलहाल एक मेडिसिन की ओपीडी चल रही है। अगर दो ओपीडी शुरू हो जाएं तो मरीजों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी। दूसरी ओपीडी शुरू करने के लिए अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक भी हैं।
केस नंबर एक
कंभौर निवासी कैलाश ने बताया कि वह सुबह नौ बजे अस्पताल में दवाई लेने आया है। अब 12 बजे चुके हैं। अब उसका नंबर आया है। सुबह से ही उसका बेटा लाइन में लगा हुआ है। चिकित्सक के आने के बाद दिखा रहे हैं।
केस नंबर दो
धामपुर निवासी लाजवती का कहना है कि वह सुबह करीब साढ़े आठ बजे दवाई लेने अस्पताल पहुंच गए थे। उसे काला पीलिया है। मरीजों की लाइन बहुत लंबी है। नंबर आने पर ही चिकित्सक को दिखाएंगे।
मेडिकल कॉलेज में एक विभाग की एक ओपीडी चलती है। मेडिसिन विभाग में मरीजों की ज्यादा भीड़ रहती है। चिकित्सकों से समय से ओपीडी करने के निर्देश दिए गए हैं। महिलाओं मरीजों के बीच मारपीट का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। - डॉ. मनोज सेन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बिजनौर