बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग भ्रूण परीक्षण के मामले में लापरवाही बरत रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिस अस्पताल को भ्रूण परीक्षण की जांच के मामले में सील किया गया है। दरअसल उस पर डेढ़ साल पहले भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चिकित्सक नहीं होने पर अल्ट्रासाउंड मशीन को सील किया था। मशीन सील करने के बाद आज तक विभागीय अधिकारियों ने जांच नहीं की।
नहटौर सिटी अस्पताल प्रबंधक स्वास्थ्य विभाग की आंखों में धूल झोंककर भ्रूण परीक्षण कर रहा था। यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार जिले में अल्ट्रासाउंड सेंटरों में भ्रूण परीक्षण होता पाया गया। हरियाणा की टीम आकर बिजनौर में रेकी करती है। जबकि बिजनौर स्वास्थ्य विभाग के पास कोई जानकारी तक नहीं होती है। पिछले साल भी चांदपुर में भ्रूण परीक्षण करने वाले अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील किया गया था। जिले में धड़ल्ले से भ्रूण लिंग की जांच का खेल चल रहा है। मगर स्वास्थ्य विभाग अंजान बना हुआ है।
- जिले में सात अल्ट्रसाउंड सेंटर सील
पीसी पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. देवीदास ने बताया कि पिछले एक साल में उन्होंने में जिले में सात अल्ट्रासाउंड सेंटर सील किए हैं। बिजनौर, धामपुर, नजीबाबाद, चांदपुर क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड सेंटर सील हैं। कुछ सेंटर चिकित्सक नहीं मिलने पर, कुछ मानक पूरे नहीं होने पर, कुछ शिकायतों के आधार सील किए गए थे।
- केस नंबर एक
बिजनौर में अलीगढ़ निवासी डॉ. मनोज का अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित था। डॉ. मनोज के अलग-अलग राज्यों में 18 अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भ्रूण परीक्षण का खेल चल रहा था। शासन की दबिश के बाद सभी राज्यों में डॉ. मनोज के अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर छापामारी की गई। जिसमें उनका एक अल्ट्रासाउंड सेंटर स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से बिजनौर में भी चलता पाया गया।
केस नंबर दो-
हरियाणा की टीम ने दिसंबर 2017 में बिजनौर स्थित ब्रज क्लीनिक पर भ्रूण की पहचान बताने वाले क्लिनिक पर छापामारी की थी। जिसमें अप्रशिक्षित चार महिलाओं सहित एक युवक को गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान डाॅ. ब्रजवीर सिंह फरार हो गया था। मिली जानकारी के अनुसार डॉक्टर ने भ्रूण परीक्षण करने के लिए 26 हजार रुपये की मांग की थी।
केस नंबर तीन-
हरियाणा के गुरुग्राम की टीम ने जनवरी 2022 में बिजनौर के चांदपुर के गांव सकतलपुर मिलक में अल्ट्रासाउंड सेंटर एक पर छापा मारा। इसमें लिंग परीक्षण करने वाले तीन लोगों को हिरासत में लिया गया था।
वर्जन::
अल्ट्रासाउंड सेंटर सील करने के बाद उनका काम सेंटरों की सर्विलांस का नहीं है। जिले में बिना पंजीकृत संचालित हो रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। भ्रूण परीक्षण करने वाले सेंटर भी सील किए जा रहे हैं। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। - डॉ. देवीदास, नोडल अधिकारी, पीसीपीएनडीटी, बिजनौर