अफजलगढ़। गांव शाहपुरजमाल में उच्च स्तरीय स्कूल न होने के चलते बच्चों को एक किमी दूर गांव महसनपुर के संविलयन विद्यालय में पढ़ने जाना पड़ता है। गुलदार का भय होने के कारण बच्चों को दो शिक्षक सुबह स्कूल लेने तथा छुट्टी होने के बाद घर छोड़ने के लिए आते हैं। इस दौरान बच्चे बाजा बजाते चलते है, ताकि शोर होने के कारण गुलदार इस ओर रुख न कर सके।
बता दें कि चार जुलाई को गांव महसनपुर निवासी महिला शकुन्तला को घर के समीप ही चारा काटते समय हमलाकर गम्भीर रूप से जख्मी कर दिया था। 27 अगस्त को गुलदार ने शाहपुरजमाल में चारा लेने के गई वृद्धा गोमती पर हमलाकर मार डाला था।
विद्यार्थी अमन, अभय, दिव्या व मानवी आदि का कहना है कि गांव से स्कूल और स्कूल से गांव जाते है तो मन में भी गुलदार का डर बना रहता है। शिक्षक मोहम्मद इमरान व राजीव कुमार का कहना है कि शाहपुरजमाल से करीब 30 बच्चे उनके स्कूल आते है। एक किमी की दूरी है। दोनों ओर गन्ने के खेत है। बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से वे साथ जाते है।