बिजनौर में मुख्यमंत्री फसल ऋण मोचन योजना से वंचित रह गए उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक से जुड़े किसानों को प्रदेश सरकार ने ब्याज में छूट दी है। पात्रता के अनुसार बैंक से जुड़े करीब साढ़े पांच हजार किसानों का 66 करोड़ रुपये का ब्याज माफ होगा। बैंक ने किसानों के लिए करीब साढ़े छह साल बाद यह योजना शुरू की है। जिले के किसानों को इस योजना से काफी लाभ होगा।
उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक प्रदेश सरकार के अधीन आता है। सपा सरकार के समय इस बैंक से जुड़े करीब नौ हजार किसानों का 23 करोड़ रुपया माफ हुआ था। योगी सरकार की फसल ऋण मोचन योजना में इस बैंक को शामिल नहीं किया गया था। इस बैंक की हालत नोटबंदी के समय से पतली थी। नोटबंदी के बाद कर्जमाफी की उम्मीद ने किसानों के कर्ज के बोझ को और बढ़ा दिया है। जिले के करीब 22 हजार किसानों पर बैंक का 115 करोड़ रुपये का बकाया है। किसानों को राहत देने और बैंक का डूबा रुपया निकलवाने के लिए शासन ने अब एकमुश्त समाधान योजना लागू की है। इस योजना में जिले के पांच हजार 427 किसान पात्र पाए गए हैं। इन किसानों का करीब 66 करोड़ 79 लाख रुपये का ब्याज माफ होगा।
यह है ब्याज माफी का फॉर्मूला
पहली श्रेणी: इस श्रेणी में 31 मार्च 1997 तक ऋण लेने वाले किसानों को शामिल किया गया है। इन किसानों पर 31 मार्च 1997 को जितना मूलधन था, केवल वह ही लिया जाएगा। ब्याज में शत प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इस श्रेणी में जिले के 378 किसान शामिल हुए हैं। इनका करीब 3 करोड़ 31 लाख रुपये का ब्याज माफ होगा।
द्वितीय श्रेणी: इस श्रेणी में एक अप्रैल 1997 से 31 मार्च 2007 तक ऋण लेने वाले किसानों को शामिल किया गया है। वह किसान ही योजना में शामिल होंगे जिनके खाते 30 जून 2017 तक एनपीए/नॉन परफॉर्मिंग एसेट घोषित हो चुके हैं। इन किसानों पर 30 जून 2017 तक जितना मूलधन था उसी के बराबर ब्याज देना होगा। इस श्रेणी में 1556 किसान शामिल होंगे। इनका 23 करोड़ 13 लाख रुपये का ऋण माफ होगा।
तृतीय श्रेणी: इस श्रेणी में एक अप्रैल 2007 से 31 मार्च 2012 तक ऋण लेने वाले तथा 30 जून 2017 तक एनपीए घोषित किसान शामिल होंगे। इन किसानों को मूलधन पूरा जमा करना है। 31 जुलाई 2018 तक खाता बंद कराने पर ब्याज में 50 प्रतिशत, एक अगस्त से 31 अक्तूबर के बीच खाता बंद कराने पर 40 प्रतिशत व एक नवंबर से 31 जनवरी तक खाता बंद कराने पर ब्याज में 35 प्रतिशत छूट दी जाएगी। इस श्रेणी में तीन हजार 493 किसान शामिल होंगे। इनका 40 करोड़ 33 लाख रुपये का ब्याज माफ होगा।
ये है बैंक के कर्ज का गणित
बैंक द्वारा बांटे गए ऋण पर 13 प्रतिशत ब्याज लगता है। किसान कर्ज न लौटाए तो ब्याज की राशि मूलधन में जुड़ जाती है और उस पर ब्याज लगाना शुरू हो जाता है। कभी कभी तो ब्याज मूलधन से कई गुना ज्यादा हो जाता है। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक में किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बनाए जाते हैं। बैंक में उद्यान, पशुपालन, शहद पालन, मुर्गी पालन से जुड़ी योजनाओं के लिए ही ऋण दिया जाता है।
बैंक की मुख्य शाखा प्रबंधक सुधीर कुमार के अनुसार एकमुश्त समाधान योजना के पात्रों का चयन कर लिया गया है। इन पात्रों से समय से रुपया जमा कर योजना का लाभ लेने के बारे में बताया जा रहा है।