ड्रिप का प्रयोग करने वाले किसानों को मिलेगी प्राथमिकता
बिजनौर। गन्ना उत्पादन में ड्रिप इरीगेशन पद्धति अपनाने वाले किसानों को अतिरिक्त सट्टे में प्राथमिकता दी जाएगी। इस संबंध में गन्ना एवं चीनी आयुक्त ने निर्देश जारी किए हैं। गन्ना विभाग किसानों को ड्रिप सिंचाई विधि अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। किसान ट्रैंच विधि से गन्ना एवं अन्य फसलों में भी इस पद्धति से सिंचाई कर सकते हैं।
ड्रिप इरीगेशन पद्धति को बढ़ावा देने के लिए गन्ना विभाग नई पहल आरंभ कर रहा है। ड्रिप के प्रयोग करने वाले किसानों को गन्ना विभाग अतिरिक्त सट्टे में प्राथमिकता देगा। ट्रैंच विधि से बुवाई सहफसली खेती एवं ड्रिप के प्रयोग एक ही खेत पर शुरू करने वाले चयनित उत्तम गन्ना किसानों से उपज बढ़ोत्तरी के प्रार्थना-पत्र नि:शुल्क प्राप्त किए जाएंगे। जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि ड्रिप इरीगेशन पद्धति सिंचाई की आधुनिक पद्धति है। इस पद्धति से गन्ना व अन्य फसलों की सिंचाई करने से पानी की बहुत बचत होती है, जोकि भविष्य के लिए अच्छी है। इस विधि से सिंचाई करने पर पौधे की जड़ों में बूंद बूंद पानी लगता है। कीटनाशक दवाईयों व तरल खाद भी इसी पद्धति से फसल को देने से खर्च भी कम आता है और उत्पादन बढ़ता है।