- भाकियू का पांचवें दिन भी डीएफओ कार्यालय पर जारी रहा धरना
- धरने पर बैठे किसान कार्यालय से निकलने वाले अफसरों पर यू तंज कसते रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग को लेकर भाकियू टिकैत के बैनर तले किसानों का चल रहा धरना शनिवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे किसान हुक्का गुड़गुड़ाते हुए डीएफओ कार्यालय से बाहर निकलते अफसरों पर तंज कसते दिखे। कार्यालय से एक अधिकारी बाहर निकलकर गाड़ी में बैठे। किसान बोले ओ ओह उठकर चल दिए शेर लगता हैं, आज गुलदार को मार गिराएंगे।
उनके पीछे दूसरा अधिकारी निकला, तो बोले ये तो मार सकता है। इसके पास तो हथियार भी है। अभी तंज का सिलसिले पर विराम लगता कि तभी दूसरी गाड़ी में बैठकर कुछ वन कर्मी और सिपाही आदि चलने लगे। तभी एक किसान बोला तंज में ये तो जरूर गुलदार को पकड़ लेगा।
धरने पर प्रदेश महासचिव कुलदीप सिंह ने कहा कि सिसौना पिलाना क्षेत्र में आदमखोर गुलदार को नरभक्षी घोषित कर शूटआउट कराया जाएं। मृतक आश्रितों को 50 लाख रुपये और घायलों को 10 लाख रुपये मिलने चाहिए। जिन लोगों की भैंस गुलदार द्वारा मार दी गई है, उनको एक लाख रुपये, गाय और बैल के लिए पचास हजार रुपये, बकरी के लिए दस हजार रुपये मुआवजा दिलाया जाए।
मंडलाध्यक्ष बाबूराम सिंह तोमर ने कहा कि शासन प्रशासन जल्द ठोस कदम उठाएं और जनपद को गुलदार मुक्त करें। धरने पर प्रधान जितेंद्र सिंह, कोमन सिंह, गजेंद्र सिंह, हेमेंद्र सिंह, मुनेंद्र सिंह, संदीप चौधरी, जितेंद्र पहलवान, रोहित राणा, रवि शेखर, नवनीत प्रधान, दिनेश कुमार आदि रहे।