किसानों ने खतौनी बहाल करने की मांग उठाई
अफजलगढ़। भाकियू अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल कमिश्नर से मुलाकात कर मौजा रानी नांगल की सीज खतौनी बहाल करने की मांग की।
बृहस्पतिवार को भाकियू अराजनैतिक के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल रानी नांगल में सीज की गई खतौनी बहाल करने की मांग को लेकर मिला। बताया गया की पीली जलाशय के निर्माण के लिए सिंचाई विभाग की ओर से मौजा नवाबाद जंगल गादला व लालपुरी आदि के किसानों से भूमि अधिग्रहण की गई थी। सिंचाई विभाग की ओर से भूमि के बदले भूमि देने के आश्वासन पर किसान सिंचाई विभाग को भूमि देने के लिए सहमत हुए, लेकिन सिंचाई विभाग की ओर से आरक्षित वन क्षेत्र की भूमि किसानों को दे दी गई। जिस पर किसान खेती करके अपना व अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। उक्त भूमि का राजस्व विभाग को राजस्व भी अदा करने का आदेश उपजिलाधिकारी नगीना की ओर से पारित किया गया था, लेकिन सन 2002 में बिना कोई कारण बताए उक्त मौजों की खतौनी सीज कर दी गई। प्रभावित किसानों को जानकारी करने पर पता चला कि जिलाधिकारी बिजनौर की ओर से अधिकारियों का एक बोर्ड बनाकर प्रभावित किसानों से बिना पूछताछ व साक्ष्यों की मांग के खतौनी सीज करने की कार्यवाही कर दी गई। इस कार्यवाही के बाद किसान क्रेडिट कार्ड, सोसाइटी से खाद बीज व फसल बेचने के लिए पंजीकरण कराने से वंचित कर दिए गए। इस संबंध में प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर से बंद पड़ी खतौनी खुलवाए जाने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही, ब्लॉक अध्यक्ष महल सिंह, दर्शन सिंह फौजी, जसविंदर सिंह, गुरनाम सिंह, जसवंत सिंह, कुलविंदर सिंह, सरजीत सिंह, अमर सिंह, परविंदर सिंह, हरी सिंह तथा जगीर सिंह आदि रहे।