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गिरी पैदावार, अभी बाजार नहीं पहुंचा धान

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नूरपुर मे खाद्य विभाग का उपमंडी धान खरीद केंद्र। - फोटो : BIJNOR
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बिजनौर। धान की फसल तैयार है, एक अक्तूबर को जिले में धान खरीद केंद्र भी खुल गए हैं, लेकिन अभी तक खरीद केंद्रों और बाजार में धान नहीं पहुंचा है। इस बार पहले देर से और कम, बाद में ज्यादा बारिश होने को धान कटाई में देरी की वजह बताया जा रहा है। बाजार में धान के दाम सरकारी से खरीद मूल्य से ज्यादा है।
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मौसम की बेरुखी का असर इस बार धान पर पड़ है। सर्वे में भी बारिश और बीमारी के कारण 12 से 15 प्रतिशत काफी क्षेत्र में धान के उत्पादन पर असर आया है। पहली बार गेहूं खरीद की तर्ज पर ही जिले में धान की खरीद की जा रही है। जनपद में एक अक्तूबर से 23 धान खरीद केंद्र खोले गए हैं।
किसानों की मांग और आवश्यकता के अनुसार जिले में धान क्रय केंद्रों की संख्या में बढ़ाई जा सकती है। अभी इन पर धान की खरीद नहीं हुई है। ग्राम मंगोलपुरा निवासी किसान धर्मवीर सिंह धनकड़ का कहना है कि मौसम की वजह से अब धान की कटाई शुरू कराई है। कटाई के बाद भी बेचने जाने में भी कई दिन लग जाते हैं। अच्छे दाम पर ही धान की बिक्री करेंगे।
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बाजार में अधिक इस बार दाम
शासन से सामान्य धान खरीद का मूल्य 2040 रुपये से 2060 रुपये क्विंटल निर्धारित किया है। जबकि खुले बाजार में धान के दाम 2250 से 2300 रुपये चल रहे हैं।
15 अक्तूबर के बाद बढ़ेगी खरीद
डिप्टी आरएमओ अमित द्विवेदी ने बताया सभी धान क्रय केंद्रों पर धान खरीद की सभी व्यवस्थाएं पूर्ण है। केंद्रों पर धान की खरीद नहीं हुई है। उन्होंने किसानों से बिक्री के लिए धान केंद्रों पर लाने की अपील की। धान कटाई में देरी होने की वजह से सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बिक्री के लिए अभी नहीं पहुंचा है। 15 अक्टूबर से पास से ही धान बिक्री के लिए आना आरंभ होता है।
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