बैंक प्रबंधक के घर फर्जी सीबीआई का छापा, दो पकड़े
बिजनौर/धामपुर। जिला सहकारी बैंक की स्योहारा शाखा के प्रबंधक के घर पर फर्जी सीबीआई ने छापा मारा। चार फर्जी अधिकारियों ने सीबीआई कोर्ट से वारंट जारी होने का हवाला देकर घर की तलाशी लेने का प्रयास किया, लेकिन बिना पुलिस पहुंचे आरोपियों के फर्जी सीबीआई होने का शक गहरा गया। मौके पर दो आरोपी पकड़ लिए गए, जबकि दो फरार हो गए। पकड़ में आने के बाद इनकी करतूत का खुलासा हुआ। मुख्य आरोपी बैंक प्रबंधक का पड़ोसी ही है, जिसने पूरी छापा मारने की योजना तैयार कर इन्हें धामपुर बुलाया।
मंगलवार को धामपुर में स्योहारा रोड स्थित न्यू कॉलोनी सिटी में रहने वाले नीरज शर्मा के घर चार लोग पहुंचे। नीरज शर्मा जिला सहकारी बैंक में मैनेजर हैं। चारों आरोपियों ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताया और सीबीआई कोर्ट से वारंट जारी होने की बात कही। फर्जी अधिकारियों ने घर की तलाशी लेने की बात कही। बैंक प्रबंधक ने विरोध करते हुए स्थानीय पुलिस की मौजूदगी के बिना तलाशी कराने से इनकार कर दिया। तब तक मोहल्ले वालों की भीड़ भी जमा हो गई। भीड़ लगती देख दो आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि दो को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस ने पकड़े गए आरोपी हर्ष पुत्र लीलापथ निवासी काजीवाला अंबाला हरियाणा और तुषार पुत्र लीलापथ निवासी नई बस्ती बिजनौर समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। बैंक प्रबंधक के पड़ोसी पवन पुत्र चंद्रपाल निवासी दित्तनपुर धामपुर को भी आरोपी बनाया गया है। पवन पर साजिश रचने का आरोप है। आरोपियों के पास से फर्जी वारंट भी बरामद हुए हैं।
फिल्म स्पेशल 26 देख बना ली ठगी की योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। ‘स्पेशल 26’ बॉलीवुड की एक फिल्म है। इस फिल्म में अभिनेता अक्षय कुमार सीबीआई का चीफ बनकर अपनी फर्जी टीम के साथ देशभर में रेड डालता है। कुछ ऐसा ही अंदाज धामपुर में बैंक प्रबंधक के घर फर्जी रेड डालने के प्रयास में देखने को मिला। आरोपियों ने बाकायदा यह फिल्म देखकर पूरी योजना तैयार की थी।
धामपुर सीओ इंदू सिद्घार्थ ने बताया कि आरोपियों ने स्पेशल 26 फिल्म देखी थी। जिनका मकसद सीबीआई का डर दिखाते हुए रुपये ऐंठना था। बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपी आपस में सगे भाई हैं। हालांकि एक के आधार कार्ड पर पता गलत लिखा हुआ है। इनके दो साथियों समेत साजिश रचने वाला फरार है। बैंक प्रबंधक के पड़ोसी ने ही इन लोगों को बताया था कि बैंक प्रबंधक के पास काफी पैसा है। रकम ऐंठने के लिए योजना तैयार की। पकड़े गए आरोपियों से अब एसओजी की टीम भी पूछताछ में लगी है। फिलहाल यह भी जानने की कोशिश की जा रही है कि इसके अलावा क्या कहीं और भी आरोपियों ने फर्जी सीबीआई अफसर बनकर रेड डाली है।