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भाजपा को भारी पड़ी गुटबंदी

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भाजपा को भारी पड़ी गुटबंदी
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बिजनौर। चांदपुर विधानसभा सीट पर कांटे की टक्कर हुई है। वर्ष 2017 में चांदपुर में भाजपा से चुनाव लड़ने वाली कमलेश सैनी करीब 36 हजार वोटों से जीती थी, लेकिन इस बार उन्हें 234 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। वहीं सपा प्रत्याशी स्वामी ओमवेश के सिर जीत का ताज सज गया। जहां सपा को यहां पर स्वामी ओमवेश के चेहरे का फायदा मिला तो वहीं कमलेश सैनी के लिए गुटबंदी का नुकसान भी हुआ। यहां पर गुटबंदी की चर्चाएं चुनाव शुरू होने पर ही होने लगी थी। वहीं कमलेश सैनी से कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी भी बताई जा रही थी। चुनाव परिणाम आए तो यह सभी फैक्ट सही नजर आने लगे। वहीं इस सीट पर मुस्लिम वोटों का उतना बिखराव नहीं हुआ, जितना भाजपा अंदाजा लगा रही थी। यहां पर मुस्लिमों का रुख सपा की ओर ही नजर आया। इसी रुख ने परिणाम बदल दिए। हालांकि जिले में यही ऐसी सीट रही, जिसके परिणाम सबसे देर में घोषित हुए। क्योंकि हार-जीत का अंतर मात्र 234 ही रह गया था। दो बार बैलेट पेपर की मतगणना कराई गई, लेकिन परिणाम सपा के पक्ष में ही रहा।
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