शेरकोट थाना क्षेत्र के गांव शहजादपुर में वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- हरेवली क्षेत्र में रोजाना कहीं न कहीं दिख रहा था गुलदार
संवाद न्यूज एजेंसी
हरेवली /धामपुर। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लोग गुलदार के आतंक से जूझ रहे हैं, लेकिन वन विभाग के अधिकारी गुलदार को पकड़ने के लिए महज खानापूर्ति है। ग्रामीणों में गुलदार के आतंक से दहशत है।
गांव शाहजादपुर के लोगों ने बताया कि जैसे ही सोमवार को दोपहर बाद उन्हें पता लगा कि कि गुलदार ने अहसान और अफजाल पर हमला कर दिया है तो वह तुरंत लाठी-डंडे लेकर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। गुलदार को उन्होंने चारों तरफ से घेर लिया। गुलदार लोगों की भीड़ को देखकर झाड़ियों में छिप गया। ग्रामीण गुलदार के निकट पहुंच गए। जैसे ही गुलदार पर ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से हमला किया तो गुलदार ने इस दौरान गांव के थम्मन सिंह पर हमला कर दिया।
ग्रामीणों का कहना था कि यदि वह लाठी-डंडों से गुलदार को नियंत्रित न करते तो वह और कई लोगों को हमला कर जख्मी कर सकता था। गुलदार अब तक उनके गांव से कई पालतू, निराश्रित पशु और पालतू कुत्तों को निवाला बना चुका है। एक महीना पहले गुलदार ने शेरकोट के दो किसानों को हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था, जिनका अभी भी उपचार चल रहा है। हरेवली में चार दिन पहले गुलदार ने एक निराश्रित पशु को निवाला बना लिया था। ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार के आतंक से उनका जीना मुश्किल हो गया है। वन विभाग के अधिकारी घटना से अवगत होने के बाद भी गुलदार को पकड़ने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे, जबकि वन्यजीवों को नियंत्रित करने का दायित्व वन विभाग के अधिकारियों का होता है।