- नगीना देहात क्षेत्र में हुआ हदसा, क्षेत्र में मची अफरातफरी
- गांव अकबरपुर आंवला के पास तीन दिन पहले ही हुआ था फैक्टरी का ट्रायल
फोटो-18एनजेडबी01ए, 01बी, 01सी
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद (बिजनौर)। नगीना देहात थाना क्षेत्र के एक केमिकल कारखाने में धमाके से क्षेत्र दहल गया। कारखाने के कूलिंग टावर में स्पार्क से हुए जोरदार धमाके में तीन कर्मचारी घायल हो गए। धमाका इतना जोरदार था कि दो किलोमीटर तक का क्षेत्र दहल गया। नजीबाबाद-रायपुर मार्ग पर गांव अकबरपुर आंवला के निकट क्रॉप केयर ऑर्गेनिक केमिकल कारखाना स्थापित हुआ है। बताया जा रहा है कि तीन दिन पूर्व ही फैक्टरी का ट्रायल शुरू हुआ था।
मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11:15 बजे कारखाने की तीसरी मंजिल पर अचानक जोरदार धमाका हुआ। धमाका इतना तेज था कि करीब एक किलोमीटर दूर स्थित गांव अकबरपुर चौगांवा के ग्रामीण भी दहशत में आ गए। धमाके से कारखाने में धुएं का गुबार छा गया और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कारखाने में कार्यरत कर्मचारी अभिषेक निवासी धूंधली नूरपुर, राकेश कुमार निवासी चुरु राजस्थान और रुड़की निवासी इंजीनियर नितिन कुमार घायल हो गए। अभिषेक और राकेश को नजीबाबाद के सेंट मेरी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बिजनौर के लिए रेफर किया गया।
कारखाने में धमाके की सूचना मिलते ही सीओ नगीना संग्राम सिंह, थानाध्यक्ष नगीना देहात मनोज तोमर, एसआई प्रदीप कुमार, अग्निशमन अधिकारी केएस जादौन पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे और जानकारी ली। फैक्टरी प्रबंधक सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि कारखाने के कूलिंग टावर में स्पार्क से धमाका हुआ। पुलिस ने मीडिया कर्मियों को घटनास्थल पर आने से रोके रखा। जिसका विरोध भी किया गया। उस समय कारखाने में कुल 31 कर्मचारी काम पर थे। घटना के आसपास काम कर रहे तीन कर्मचारी घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए चिकित्सालय भेजा गया है। कारखाने के अंदर सुरक्षा से संबंधित तकनीकी खामियों के चलते हादसा हुआ। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने से घायल कर्मचारियों को कारखाने में प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पाया। दो घायल कर्मचारियों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
कीटनाशक का रॉ मेटेरियल तैयार करने का चल रहा था ट्रायल
क्रोपकेयर आर्गेनिक केमिकल कारखाने में काम शुरू हाेने से पहले ही ट्रायल के दौरान हादसा हो गया। केमिकल कारखाने में कीटनाशक से संबंधित रॉ मेटेरियल के रूप में ट्राइजीनॉन और डाई मिथाइल सल्फेट तैयार किया जाएगा। तीन दिन पूर्व ट्रायल शुरू हुआ था। बताया जाता है कि तकनीकी खामी और अनुभवी कर्मचारी न होने से कुलिंग टॉवर में स्पार्किंग के साथ धमाका हुआ। धमाका स्थल से कुछ फासले पर कर्मचारी मौजूद थे, जिससे जनहानी होने से बच गई।