बिजनौर। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को तीन माह की सजा के प्रकरण में लापरवाही बरतने के मामले में विद्युत अधिशासी अभियंता को निलंबित किया गया है।
कंचन देवी ने आयोग के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रेषित किया था कि उसके पति संजीव कुमार निवासी गांव तीबड़ी घेर की जून 2016 में विद्युत करंट से मृत्यु हो गई थी। इस मामले में आयोग ने क्षतिपूर्ति राशि के रूप में पांच लाख रुपये अदा करने के आदेश विद्युत विभाग को दिए थे। मगर कोई न कोई विभागीय बहाना बनाकर विद्युत निगम भुगतान टाल रहा है। आयोग की अध्यक्ष दीपा जैन, सदस्य मनोज कुमार पंडित की पीठ ने इस मामले में पाया कि बार-बार आदेश करने और समय दिए जाने के बावजूद निगम द्वारा आदेशित धनराशि का भुगतान नहीं किया गया है।
इस पर आयोग ने वरिष्ठ अधिकारी प्रबंध निदेशक पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ को सजा सुनाई। इस प्रकरण में विभाग ने केस की पैरवी नहीं करने के मामले में अधिशासी अभियंता प्रथम एके पांडेय को एमडी पश्चिमांचल ने निलंबित किया है।