नियमों को ताक पर रखकर बनाए परीक्षा केंद्र
बिजनौर। यूपी बोर्ड ने नियमों को ताक पर रखकर वर्ष 2023 की हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा के लिए केंद्र बना दिए। इनमें कुछ निर्धारित मानकों पर खरे नहीं है। केंद्रों पर आईं आपत्तियों का निस्तारण डीएम की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति 20 दिसंबर तक करेगी।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर परीक्षा के लिए इस बार जिले में 140 केंद्र प्रस्तावित हैं। प्रस्तावित सूची में लंबे समय से परीक्षा केंद्र बन रहे कई प्रतिष्ठित विद्यालय को काट दिया गया है। आरोप है कि कुछ ऐसे विद्यालय परीक्षा केंद्र बने हैं जो शासन से केंद्र बनने के लिए तय मानक पूरा नहीं कर रहे हैं। शासन से केंद्र बनने के लिए एक दर्जन से अधिक मानक निर्धारित हैं। जैसे विद्यालय तकनीकी सुविधाओं से सुसज्जित हों, कमरों में सीसीटीवी कैमरे लगे हों और विद्यालय की चहारदीवारी होना जरूरी है।
शासन ने जीआईसी बिजनौर को परीक्षा के लिए केंद्र बना दिया है। जीआईसी बिजनौर का भवन अंग्रेजों के जमाने का है। प्रशासन ने भवन निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया है। नए भवन का निर्माण अधूरा है और नए भवन में सीसीटीवी कैमरों आदि की सुविधाएं भी नहीं है। इसे लेकर पहले भी आपत्ति की गई थी। बोर्ड ने राजकीय हाईस्कूल बिसाठ, पाड़ला और नरावली को परीक्षा केंद्र बनाया है। राजकीय हाईस्कूल में केवल कक्षा नौ व दस कक्षाएं ही संचालित हैं। आरोप है कि इनमें भी पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं।
ये हैं समिति में शामिल
शासन से यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर आई आपत्तियों के निस्तारण के लिए जिला स्तरीय समिति गठित है। डीएम समिति के अध्यक्ष हैं। डीआईओएस सचिव है। सभी पांच तहसीलों के एसडीएम समेत जीआईसी का एक प्रधानाचार्य, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय का एक प्रधानाचार्य सदस्य हैं। केंद्रों पर प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण 20 दिसंबर तक होना है। इसके बाद केंद्रों की अंतिम सूची जारी होगी।