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खूनी हुईं जिले की सड़कें, 19 महीने में 545 की चली गई जान

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हर माह सड़क पर दम तोड़ देती हैं 29 जिंदगी
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बिजनौर। जिले की सड़कें खूनी साबित हो रही हैं। हादसों के यह सरकारी आंकड़े बताने के लिए काफी हैं। 19 महीनों में 545 लोगों की जान चली गई, जबकि 618 लोग घायल हुए। हर रोज कहीं ना कहीं से सड़क हादसे में किसी की जान चली जाने की खबर आ ही जाती हैं।
कहीं तेज रफ्तार, कहीं यातायात नियमों की अनदेखी हादसों का कारण बनती है। कारण कुछ भी हो लेकिन हादसों में मौत का आंकड़ा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले साल जिलेभर में अलग अलग सड़कों पर 495 हादसे हुए। जिनमें 313 लोगों की मौत हो गई जबकि 382 लोग घायल हुए। इस साल जुलाई माह तक के आंकड़े भी काफी डराने वाले हैं। इस साल अलग अलग जगहों पर 324 हादसे हुए। जिनमें 232 लोगों की मौत हो गई, जबकि 236 लोग घायल हुए। तमाम जागरूकता अभियानों के बाद भी लोग सुधरने को तैयार नहीं है। तेज रफ्तार के साथ साथ यातायात नियमों की अनदेखी करने से बाज नहीं आते।
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कई मौतें आंकड़ों नही होती दर्ज
सड़क दुघर्टना के सभी मामले पुलिस रिकार्ड में दर्ज होते हैं, ऐसा भी नहीं है। कई सारी दुघर्टनाएं ऐसी भी होती हैं, जिनमें परिजन मृतक का अंतिम संस्कार बिना पुलिस को सूचित किए और कार्रवाई के कर देते हैं। ऐसे में सरकारी आंकड़ों से कहीं ज्यादा है सड़क दुघर्टना में मरने वाले लोगों का।
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ये हैं जिले के ब्लैक स्पॉट- बिजनौर नजीबाबाद मार्ग में स्वाहेड़ी मोड़
- बिजनौर शहर में नजीबाबाद मार्ग पर सेंट मेरीज चौराहा
- अफजलगढ़ थाना क्षेत्र में मानियाववाल से बैनली नदी के पास
- शेरकोट में मनोकामना मंदिर से खो बैराज तक
- रेहड़ के गांव राजनगर से कस्बा पेट्रोल पंप के पास तक
- धामपुर के गांव सरकथल साहनी से गांव सरकड़ा चकराजमल के पास तक
- नजीबाबाद में मथुरापुर मोड़ से सुकरो नदी तक
- चांदपुर में आंबेडकर चौक से बबनपुर चौकी के पास तक
- नूरपुर में ग्राम हसुपुरा से हनुमान मंदिर मुरादाबाद मार्ग तक
हादसों पर एक नजर
माह हादसे मौत घायल
जनवरी 46 32 34
फरवरी 38 35 25
मार्च 43 25 32
अप्रैल 36 23 19
मई 32 22 24
जून 44 24 43
जुलाई 38 20 35
अगस्त 45 25 32
सितंबर 31 17 24
अक्तूबर 37 21 31
नवंबर 60 41 52
दिसंबर 45 28 31
योग 495 313 382
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वर्ष 2022
माह हादसे मौत घायल
जनवरी 34 27 21
फरवरी 43 33 29
मार्च 44 28 31
अप्रैल 48 33 31
मई 55 40 40
जून 52 36 46
जुलाई 48 35 38
योग 324 232 236
वर्जन::
सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत भी लोगों को जागरुक किया जाता है। नियमों का पालन नहीं करने वालों के लगातार चालान किए जाते हैं। तेज रफ्तार और सड़कों में खामियां भी हादसों का कारण बनती है।
-डॉ. प्रवीन रंजन सिंह, एएसपी सिटी
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