अफजलगढ़। शाहपुर जमाल-भटपुरा मार्ग पर धारा नदी के रुख को मोड़ने में नाकामयाब विभाग अब मिट्टी के कट्टे डालकर कटान रोकने का प्रयास कर रहा है। वहीं लगातार बढ़ रहे पानी को देखते हुए आसपास के गांवों के लोगों को भी सतर्क कर दिया गया है।
शाहपुरजमाल भटपुरा मार्ग बनैली नदी के उफान के चलते तथा पानी का वेग अधिक होने के कारण नहर व सड़क कटकर क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिसके बाद बनैली नदी की धारा का रुख मोड़ने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से जेसीबी मशीन की सहायता से खोदाई कर 20 मीटर चौड़ी व दो मीटर चौड़ी चूनहट बनाई जा रही थी। जिससे बनैली नदी का रुख सड़क व नहर की ओर से बदल सके। 300 मीटर चूनहट खोदी जा चुकी थी, लेकिन दो दिन पूर्व बनैली नदी में पानी का वेग ज्यादा आने के चलते वह समतल हो गई। जिसके बाद सिंचाई विभाग की ओर से सड़क के कटाव वाले स्थान पर रेत से भरे कट्टे व पेड़ काटकर डलवाते हुए कटाव रोकने का कार्य किया जा रहा है। ताकि आगे सड़क व नहर का कटान होने से बचाया जा सके।
सिंचाई विभाग के जेई गौरव ने बताया कि नदी के तटवर्ती गांव आलमपुर, माननगर, शाहपुरजमाल व मनोहरवाली के लोगों को सतर्क कर दिया गया है। वहीं पीलीडैम के जेई भानू प्रताप ने बताया कि डैम में पानी भंडारण की कुल क्षमता 843 फिट है। इस समय पानी का भंडारण 837.8 फिट हो चुका है। साथ ही उन्होंने बताया कि पहाड़ों पर लगातार वर्षा हो रही है, जिसके चलते आधा फिट पानी की लीकेज कराई गई है।