फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor News: सौर ऊर्जा से बचाई 4.75 करोड़ की बिजली

Fri, 09 Feb 2024 01:41 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। जनपद में सूरज की किरणों से निकले पानी से न सिर्फ फसलों के कंठ तर हो रहे है, बल्कि ऊर्जा का संचय हो रहा है। कृषि विभाग द्वारा पिछले आठ साल से जिले में अलग-अलग क्षमता के 1972 सोलर पंप लगाएं गए हैं। इनमें से 80 प्रतिशत सोलर पंप को क्रियाशील मनाते हुए पर वर्ष 2015-16 से 2022-23 तक 95 लाख यूनिट से अधिक बिजली की बचत हुई है। मौद्रिक मूल्य के रूप में गणना औसत 5 रुपये प्रति यूनिट की दर से करने पर सोलर पंपों के द्वारा इस अवधि में 4.75 करोड़ रुपये की बिजली बचाई है।
विज्ञापन

एक दशक से खेतों की सिंचाई करने में सोलर पंप एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। सोलर पंप की स्थापना से खनिज तेल पर निर्भरता कम होने से विदेशी मुद्रा की बचत के साथ-साथ पर्यावरण में सुधार हो रहा है। विद्युत/डीजल चालित चालित नलकूप के स्थान पर सोलर पंप की स्थापना से बिजली व डीजल की बचत हो रही है। सोलर पंप से सिंचाई करने पर खेती में कम लागत आने से किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। पर्यावरण को बढ़ावा मिल रहा है। संवाद
ऐसे बचाई बिजली की खपत
विषय वस्तु विशेषज्ञ हरज्ञान सिंह ने बताया कि एक एचपी में 746 वाट, 2 एचपी के सोलर पंप 1492 वाट या 1.492 किलोवाट प्रति घंटा प्रयोग होती है। 1 किलोवाट प्रति घंटा का आशय यह है कि यदि किसी डिवाइस को 1 घंटा इस्तेमाल करने पर उससे 1000 वाट बिजली खर्च होती है, तो यह एक यूनिट के समतुल्य होगी। एक अनुमान के अनुसार एक वर्ष में 150 दिन तक प्रति दिन 6 घंटे चलने पर 2 एचपी के सोलर पंप द्वारा 1343 यूनिट, 3 एचपी के सोलर पंप द्वारा 2014 यूनिट तथा 10 एचपी के सोलर पंप पर 6714 यूनिट बिजली की खपत होती है।
विज्ञापन




इस बार 936 सोलर पंप का लक्ष्य
उप कृषि निदेशक गिरीश चंद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना तहत उप्र प्रदेश सरकार द्वारा जनपद के लिए विभिन्न क्षमता के 936 सोलर पंपों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले साल 906 सोलर पंप लगाएं गए थे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें